28 मई- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
भरतहि होइ न राजमदु
बिधि हरि हर पद पाइ ।
कबहुँ कि काँजी सीकरनि, छीरसिंधु बिनसाइ ।।
( अयोध्याकाण्ड, दो. 231)
राम राम 🙏🙏
चित्रकूट में कोल किरातों ने सेना के साथ श्री भरत जी के आने की सूचना प्रभु को दी है । श्री लक्ष्मण जी कहते हैं कि भरत को राजमद हो गया है । श्री राम जी लक्ष्मण को समझाते हुए कहते हैं कि ब्रह्मा , विष्णु व महादेव का पद पाकर भी भरत को राजमद नहीं हो सकता है, क्या कभी काँजी की बूँदों से सागर नष्ट हो सकता है ?
प्रिय भक्तों ! जो एकबार श्री रामपद में अनुरक्त हो जाता है, उसे सब कुछ श्री सीताराम जी के श्री चरणों में ही मिल जाता है, वह पूर्णतः तृप्त हो जाता है फिर कोई अन्य पद उसे प्रभावित नहीं कर पाता है । श्री सीताराम जी के श्री चरणों की शरणागति पाने के लिए बस प्रभू के रूप और गुणों का चिन्तन करते हुए अहर्निश नाम का भजन करते रहिए अस्तु…… श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम । सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम जय सीताराम पतित पावन सीताराम। राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

