श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

6 मार्च- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

तब लगि ह्रदयँ बसत खल नाना ।
लोभ मोह मच्छर मद माना ।।
जब लगि उर न बसत रघुनाथा ।
धरें चाप सायक कटि भाथा ।।
( सुंदरकांड 46/1)
राम राम 🙏🙏
हनुमान आदि कपि विभीषण को लेकर राम जी के पास आते हैं । विभीषण उन्हें दंडवत् प्रणाम करते हैं , राम जी उन्हें ह्रदय से लगाते हैं, बैठाकर उनका हाल पूछते हैं ।विभीषण कहते हैं कि आपके चरणों के दर्शन पाकर अब कुशल से हूँ । वे आगे कहते हैं कि जीव के ह्रदय में लोभ मोह डाह मद व मान आदि अनेक खल तभी तक बसते हैं जब तक कि धनुष-बाणधारी राम जी ह्रदय में नहीं बस जाते हैं ।
अपने ह्रदय से लोभ मोह डाह मान आदि खलों को भगाने तथा राम जी को अपने ह्रदय में धारण करने के प्रति हम बहुत गंभीर नहीं हैं इसीलिए हमारी स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है ।राम जी को यदि अपने ह्रदय में धारण करना चाहते हैं तो अपना राम भजन बढ़ाएँ, राम सुमिरन बढ़ाएँ , राम प्रेम बढ़ाएँ तभी राम जी हमारे ह्रदय में वास करेंगे व नाना प्रकार के खल भाग खड़े होंगे । अतएव! जय राम राम , जय राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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