श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

9 सितंबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

सुख भवन संसय समन दवन,
बिषाद रघुपति गुन गना ।
तजि सकल आस भरोस गावहिं,
सुनहि संतत सठ मना ।।
( सुंदरकांड , छंद )
राम राम 🙏🙏
समुद्र नल नील के बारे में श्री राम जी को बता कर वापस चला जाता है । पूज्यपाद गोस्वामी श्री तुलसीदास जी महाराज कहते हैं कि श्री राम जी के गुण समूह ही सुख के धाम, संदेह का नाश करने वाले और विषाद का दमन करने वाले हैं । अरे मूर्ख मन ! तू संसार का सब भरोसा त्यागकर निरंतर इन्हें गाओ व सुनो ।
आत्मीय जन ! श्रीराम गुणगान सुखदायक, संदेहनाशक व कष्टहर्ता हैं । हमारे आपके मन ने कभी श्री राम गुणगान किया नहीं है इसलिए सुख को पाने के लिए जगत में लगा रहता है । अतः जगत का भरोसा छोड़ जगदीश पर भरोसा करें और श्री राम जी के गुणगान एवं भक्ति में लगें। इसके लिए केवल श्री सीताराम नाम का निरन्तर भजन चिन्तन ही प्रभावी साधन है। अथ …श्रीराम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम ।
सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩

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