श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

26 सितंबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

कोमल चित अति दीनदयाला ।
कारन बिनु रघुनाथ कृपाला ।।
गाीध अधम खग आमिष भोगी ।
गति दीन्ही जो जाचत जोगी ।।
( अरण्यकांड 32/1)
राम राम 🙏🙏
माता सीता को रावण बलात् ले जा रहा है, श्री जटायु जी उससे युद्ध करते हैं , अंत में रावण क्रोधित होकर जटायु जी के पंख को काट देता है, वे भूमि पर गिर पड़ते हैं, माता सीता जी को खोजते हुए श्री राम जी आते हैं , जटायु जी सब बताते हैं, तब जटायु जी के इस उपकार के लिये श्री राम जी उन्हें अपना धाम देते हैं । भगवान शिव जी कहते हैं कि श्री राम जी अत्यंत कोमल हृदय व दीनों पर दया करने , अकारण ही कृपा करने वाले हैं । जटायु तो अधम व मांस भक्षी पक्षी था, श्री राम जी ने उसे भी वह दुर्लभ गति दे दी जो योगीजन चाहते हैं ।
आत्मीय जन ! हम आप अपने को राम काज में लगा दें , फिर देखें श्री राम जी कैसी करुणा व कृपा हम सभी पर करते हैं । दुर्लभ से दुर्लभ भी आपके लिए सुलभ हो जाएगा । अस्तु….. श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम ।
सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩

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