28 अक्टूबर-श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
सुनु दसकंठ कहउँ पन रोपी ।
बिमुख राम त्राता नहिं कोपी ।।
संकर सहस बिष्नु अज तोही ।
सकहिं न राखि राम कर द्रोही ।।
( सुंदरकांड 22/4)
राम राम🙏🙏 श्री हनुमान जी को नागपाश से बांधकर रावण के दरबार में मेघनाथ ले आया है । रावण ने कुछ प्रश्न पूछे हैं, श्री हनुमान जी उनके उत्तर में कहते हैं कि हे रावण ! सुनो, मैं शपथ खाकर कहता हूँ कि श्री राम विमुख की रक्षा करने वाला कोई नहीं है । हज़ारों शंकर , विष्णु और ब्रह्मा भी श्री राम द्रोही को नहीं बचा सकते हैं ।
बंधुवर! श्री राम जी से विमुख होने पर कोई सहायता नहीं कर सकता है जबकि श्री राम सम्मुख की रक्षा श्री राम जी स्वयं करते हैं । श्री राम जी की भक्ति हमें सबसे सुरक्षा प्रदान करती है । अतः श्री राम सम्मुख होकर श्री राम रक्षा से निश्चिंत जीवन जीएँ । अस्तु…. श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरुण जी लखनऊ

