29 अप्रैल- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
निज कृत कर्म जनित फल पायउँ
अब प्रभु पाहि सरन तकि आयउँ
सुनि कृपाल अति आरत बानी ।
एक नयन कर तजा भवानी ।।
( अरण्यकांड 1/7 )
राम राम 🙏🙏
जयंत ने राम जी के बल की थाह लेने के लिए सीता जी के चरणों में चोंच मारी है । राम जी के बाण से उसकी किसी ने रक्षा नहीं की है । नारदजी ने उसे राम जी के पास भेजा है । वह आकर कहता है कि प्रभु! अपने कर्मों का फल मुझे मिल गया है , अब मैं आपकी शरण में आया हूँ , मेरी रक्षा करें । राम जी ने उसे एक आँख का करके छोड़ दिया ।
हम प्रतिदिन अपने कर्मों का फल भोग रहें हैं पर राम शरण में नही आ रहें हैं । जयंत तो राम शरण ले कर समदर्शी हो गया । प्रभु ने उसका भेद समाप्त कर दिया है। आप भी अपना भेद समाप्त करने लिए , जय राम शरण, जय रघुनाथ शरण 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

