सर्वोदयी कुसुम बहन ने पिता के प्रति पुत्र फर्ज निभाया:
शारदा प्रकाश मामा जी को मुखाग्नि दी :
पांचों बहनों ने पिता की अर्थी में कंधा दिया:
शासकीय सेवा के बाद सुंदर सर्वोदय पारी खेली
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
हरदोई। व्यक्ति के मन में अगर उत्साह है और कुछ काम करने का जज्बा है तो उम्र आड़े नहीं आती। व्यक्ति के अंदर समझ अच्छी हो। परिपक्व व्यक्ति गांव में विस्तार या जागरूकता के कार्यक्रमों में ज्यादा सहायक सिद्ध हो सकता है। उक्त विचार विनोबा सेवा आश्रम, विनोबा गो सेवा सदन एवं विनोबा विचार प्रवाह द्वारा शारदा प्रकाश जौहरी के प्रति आयोजित संयुक्त श्रद्धांजलि सभा में जमनालाल बजाज पुरस्कार से सम्मानित विमला बहन ने व्यक्त करते हुए कहा कि विनोबा जी कहा करते थे कि युवाओं का जोश और बुजुर्गों का होश मिलकर कोश बनेगा। इसी प्रकार का संयोग सर्वोदय आश्रम को मिला। वे गायत्री परिवार के कार्य को भी आगे बढ़ाने में लगे रहे। जानकर अच्छा लगा कि वे अपनी पेंशन राशि बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति आदि पर खर्च करते थे। विशेषकर कायस्थ समाज के लिए बनने वाले भवन के लिए उन्होंने लगभग तीन लाख देकर उसके निर्माण में सहयोग कर आदर्श स्थापित किया। उत्तरप्रदेश के हरदोई जिले में सर्वोदय का एक तरुण समूह गांधी विनोबा विचार को आगे बढ़ाने हेतु रमेश भाई की अगुआई में दीदी निर्मला देशपांडे के मार्गदर्शन में अस्सी के दशक में कार्यरत था। जिसमें उर्मिला बहन और कुसुम बहन भी शामिल थीं। कुसुम बहन के पिता जी और रमेश भाई सुरेश भाई के मामा जी शारदा प्रकाश जौहरी शासकीय सेवा से मुक्त होकर जुड़ गए। आश्रम के स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम ऊसर सुधार कार्यक्रम महिला डेरी परियोजना मलिन बस्ती सुधार योजना जैसे विस्तार देने वाले कार्यक्रमों में भागीदारी करते हुए उत्तर प्रदेश हरिजन सेवक संघ के अध्यक्ष पद की भूमिका भी निर्वाह की। साबरमती गांधी आश्रम ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी जयेश भाई पटेल ने कहा कि वे सशरीर हमारे बीच नहीं रहे लेकिन वे सूक्ष्म में रहकर हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। ऐसे समाजसेवी लोग जहां जाते हैं।वहां भी अच्छा ही।करते हैं।गांधी ग्लोबल फैमिली के संयोजक राम मोहन राय ने अपने संदेश में कहा स्व. निर्मला देशपांडे जी के अनन्य सहयोगी और साथी रहे मामा जी ने अपने जीवन को सर्वोदय और सामाजिक सेवा के लिए समर्पित किया। वे उर्मिला बहन और रमेश भाई के प्रिय मामा तथा कुसुम बहन के पूज्य पिता थे। हरदोई, उत्तर प्रदेश उनकी कर्मभूमि रही, जहां उन्होंने समाज के उत्थान के लिए अविस्मरणीय योगदान दिया। हरिजन सेवक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ शंकर कुमार सान्याल ने अपने।संदेश में कहा कि हमारे संघ परिवार के एक निष्ठावान व्यक्ति को खोया है।वे हम सबके मार्गदर्शक थे। वे हर कार्यक्रम में आकर अपना सुझाव देते थे। सर्वोदय आश्रम की अध्यक्ष उर्मिला बहन ने कहा कि उनसे हम सबने बहुत कुछ सीखा है। वे हमारे लिए संरक्षक समान रहे।उनका जाना हम सबके लिए बड़ी क्षति है। पूर्व संयुक्त सचिव और राष्ट्रीय युवा योजना के ट्रस्टी अजय कुमार पांडे ने कहा कि अभी गत विनोबा जयंती की पूर्व संध्या पर बाराबंकी आवासीय बालिका विद्यालय में विनोबा जी की मूर्ति स्थापना के अवसर पर उनका दर्शन मिला था।
सर्वोदय जगत में स्वर्गीय रमेश भाई हरदोई को हर कोई जानता है। उनके मामा शारदा प्रकाश जौहरी (97 वर्ष) जो सर्वोदय आश्रम की सचिव कुसुम बहन , वंदना जौहरी (पूर्व खंड विकास अधिकारी), रंजना जौहरी (पूर्व प्रख्यात वैज्ञानिक), सुमन कुमार (लखनऊ में जिनके पति हरीश कुमार बैंक के पूर्व अधिकारी) और महिमा जिनके पति ( श्रीकांत अंबष्ट जी आयकर विभाग में कलकत्ता में चीफ कमिश्नर )के पूज्य पिता जी थे। आज से चालीस वर्ष पहले वह सिंचाई विभाग में सेवा से चार दशक पहले शाहजहांपुर से ही सेवामुक्त हुए थे। इस सेवाकाल में ईमानदार अधिकारी के रूप में जाने जाते थे। मामा जी की अधिकतर सेवा नैनीताल जनपद में रही। इस कारण कुसुम बहन सहित सभी बहनों की पढ़ाई वहीं अच्छे स्कूल में संपन्न हुई। कुसुम दीदी की मां स्वर्गीय विमला जौहरी शासकीय विद्यालय हरदोई में प्रधानाध्यापक थीं। कुसुम बहन के साथ पांचों बहनों ने पिता की अर्थी में कंधा दिया।उनके साथ ही शववाहन में बैठकर श्मशान गईं। विनोबा जी की नाम_ माला एकादश व्रत, सेवक की प्रार्थना और गायत्री मंत्रों के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस अवसर पर उपस्थित पूर्व प्राचार्य विजय प्रकाश मिश्र, अशोक श्रीवास्तव, धीरेन्द्र अस्थाना राहल श्रीवास्तव रमेश भाई के छोटे भाई सुरेश श्रीवास्तव आश्रम के अश्वनी कुमार बिशन कुमार ब्रजेश कुमार नमिता और विजय मौसी आदि। सर्वोदय आश्रम की सभी गतिविधियों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में हरिजन सेवक संघ के उपाध्यक्ष लक्ष्मी दास एवं नरेश यादव पूर्व सांसद महाराष्ट्र हरिजन सेवक संघ के अध्यक्ष मोहन जोशी राष्ट्रीय सचिव संजय राय एवं डा निशाबाला त्यागी , गोरखपुर के डा शिराज वजीह फतेहपुर के भगवती प्रसाद पांडे भागलपुर रास बिहारी मिशन की डा सुजाता चौधरी प्रायमरी पाठशाला सिमरई शाहजहांपुर के प्रधानाध्यापक कौशल सक्सेना श्री राम जायसवाल लखनऊ शकुंतला विश्वविद्यालय के डीन डॉ अवनीश चंद्र मिश्रा आदर्श पाठक छीतेपुर के राजेंद्र पाल सिंह हरवंश कुमार विजेंद्र अवस्थी उड़ीसा की राजेश्वरी बहन लखनऊ विकल जी की बेटी सुमन श्रीवास्तव, पूर्व गृह सचिव सत्येंद्र रघुवंशी शंकर भाई चित्रकूट मयूरभंज उड़ीसा के आर्यभट्ट मोहंती, जैतापुर के पंकज मिश्र, मिजोरम।से डा ओमप्रकाश सिंह, काशी के। डा. संजय कुमार बागधारा बांसवाड़ा राजस्थान के जयेश जोशी प्रतापगढ़ के प्रभात पांडे जौनपुर के अमित परमार लखीमपुर की कमला सिंह प्रतिमा बहन और गुंजन दिल्ली से निर्मला दीदी के संगठन अखिल भारत रचनात्मक समाज के श्रीभगवान शर्मा पवनार की ज्योति दीदी गौतम भाई और नलिनी बहन मीनू दीदी भोपाल के हरीश कुमार_ रश्मि अहमदाबाद में किशन भाई लड्ढा एवं देवेंद्र भाई पारेख फर्रुखाबाद के निर्मला बहन एवं गौरव श्रीवास्तव पंकज शुक्ला पुवायां के प्रदीप वैरागी पत्रकार वैभव सक्सेना, हैदराबाद की अदिति और अल्पना रायजादा संस्था जगत के ज्ञानेश्वर श्रीवास्तव अहिंसा पुस्तकालय की सीना शर्मा अश्विनी राना बरेली फोर्सेज परिवार के रामायण यादव रितेश सिंह अजीम प्रेमजी फाउंडेशन विनोबा सेवाधाम पीलीभीत की रंजना बहन गांधी भवन लखनऊ के एल बी राय भूरज सेवा संस्थान हरदोई के सचिव अशोक उपाध्याय जी परमार्थ निकेतन ऋषिकेश की डा प्रिया परमार नोएडा के डा ब्रज पाल सिंह , आनंद भाई ,उज्जैन के डा सुधीर गोयल पवनार गांव के डा अशोक हीउरे देवानंद भाई धूलिया की प्राची बहन अमरावती की कविता बहन इंदौर के डा पुष्पेंद्र दुबे और श्वेता गुप्ता नमामि गंगे के परियोजना समन्वयक विनय सक्सेना पिहानी सभासद मनोज मिश्रा शाहाबाद के अम्बरीष सक्सेना और अनुराग श्रीवास्तव लखनऊ ग्राम विकास के सतीश शुक्ला रायबरेली के कमलेश कुमार शर्मा सीतामढ़ी की उषा शर्मा महाराष्ट्र की विमल मुंडे पाटिल और सुभाष पाटिल आदि ने संवेदना व्यक्त कर श्रद्धांजलि दी।

