अयोध्या की कुछ ख़ास खबर: जिला संवाददाता डॉ अजय तिवारी
*राम मंदिर निर्माण की धीमी रफ्तार को देखते हुए बढ़ाया गया कंपनियों का कार्यकाल*
एलएनटी और टाटा कंसल्टेंसी अब मार्च 2026 तक निर्माण कार्य संभालेंगी।
पहले इनका कार्यकाल सितंबर 2025 तक ही तय था।
राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने दी जानकारी।
मंदिर शिखर पर पताका फहराने की प्रस्तावित तिथि पर आज लगेगी मुहर।
आज भवन निर्माण समिति और ट्रस्ट की बैठक में इस पर मुहर लगेगी।
अब तक मंदिर निर्माण पर करीब 1400 करोड़ रुपए खर्च, जिसमें से 1100 करोड़ का भुगतान।
मंदिर परिसर में बनने वाले म्यूज़ियम की 20 गैलरियों पर आएगा लगभग 200 करोड़ खर्च।
गैलरियों में रामायण काल से मंदिर आंदोलन तक की झलकियां दिखाई जाएंगी।
मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आधुनिक उपकरणों को लगभग खरीदा गया, अब लगने की बारी।
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अयोध्या :प्रदेश के कृषि मंत्री एवं अयोध्या जनपद के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा*।
*रुदौली तहसील के कैथी माझा गांव पहुंच कर बाढ़ पीड़ितों से की मुलाकात*।
प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनीं और उन्हें राहत सामग्री वितरित की।
मंत्री ने कहा कि सरकार हर स्तर पर बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ी है।
सभी परिवारों को राशन किट उपलब्ध कराई जा रही है, जो 15–20 दिन तक पर्याप्त होगी।
जानवरों के लिए भी विशेष व्यवस्था, चारा और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए गए।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है।
किसी भी आपात स्थिति में तत्काल इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मंत्री ने अयोध्या में निर्माणाधीन 14 कोसी और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण किया।
कार्य की धीमी गति पर अधिकारियों को फटकार लगाई और 15–20 अक्टूबर तक हर हाल में कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।
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अयोध्या :राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में बड़ा निर्णय*।
राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद उनके रिक्त पद पर उन्हीं के ही समाज से कृष्ण मोहन को सर्वसम्मत से चुना गया राम मंदिर ट्रस्ट का सदस्य ।
हरदोई के रहने वाले हैं कृष्ण मोहन वन विभाग महाराष्ट्र में 2012 में हुए हैं रिटायर्ड।
रिटायरमेंट के बाद हरदोई में ही रहकर समाज की सेवा की कर रहे थे अब तक।
राम मंदिर ट्रस्ट ने कृष्ण मोहन को ट्रस्ट में किया शामिल।
राम मंदिर ट्रस्ट के ही सदस्य राजा विमलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद रिक्त हुए पद पर अभी नही बन पाई सहमति।

