उत्तर प्रदेश पुलिस के पॉडकास्ट बियांड द बैज के 15 वें एपिसोड में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा- 2024 में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार की बेटी शक्ति दुबे एवं उनके पिता उपनिरीक्षक देवेन्द्र दुबे द्वारा अपने विचारों को साझा किया गया
सिटी रिपोर्टर प्रत्यूष पाण्डेय
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा उत्तर प्रदेश पुलिस की उपलब्धियों, विशेषताओं एवं किए गए सराहनीय कार्यों को वीडियो के माध्यम से प्रचारित-प्रसारित करने के निर्देश दिए गए थे, जिसके अनुपालन में उ0प्र0 पुलिस के पॉडकास्ट बियांड द बैज की शुरूआत जनवरी 2025 में की गयी । उक्त पॉडकास्ट की श्रृंखला के 15वें एपिसोड में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा- 2024 में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार की बेटी शक्ति दुबे एवं उनके पिता उपनिरीक्षक देवेन्द्र दुबे द्वारा उक्त सफलता को प्राप्त किए जाने हेतु किए गए प्रयासों एवं अपने विचारों को साझा किया गया है।
देवेन्द्र दुबे द्वारा पॉडकास्ट के जरिए अवगत कराया गया कि बिटिया ने जिस भी शिक्षा संस्थान में पढ़ने की इच्छा व्यक्ति की हमने उसे वहां पढ़ने के लिए भेजा और जिस परीक्षा की तैयारी करने का उसने मन बनाया हमने उसका हमेशा समर्थन किया, हालांकि हमारे पास घर में कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर इत्यादि की व्यवस्था नहीं थी किंतु फिर भी बिटिया के द्वारा भेजे जाने वाले पाठ्यक्रम से संबंधित प्रिंटआउट एक दुकान से निकलवा कर उसको हमेशा उपलब्ध कराया करता था, ताकि वह मन लगाकर पढ़ाई कर सके। जब अपने चौथे प्रयास में इंटरव्यू देने के बावजूद भी बिटिया का चयन नहीं हुआ तब वह काफी निराश थी, किंतु ऐसे में हमारे बेटे और परिवार के सभी लोगों ने उसे एक और प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया, जिसके परिणाम स्वरूप उसे ईश्वर की कृपा से यह सफलता प्राप्त हो सकी।
शक्ति दुबे द्वारा चर्चा के दौरान बताया गया कि यह उनका पांचवा प्रयास था, इस दौरान असफल होने पर उनके मन में कई बार यह विचार भी आया कि अब यूपीएससी की तैयारी छोड़कर किसी दूसरी दिशा में प्रयास करना चाहिए, किंतु उनकी मम्मी ने हमेशा यह याद दिलाया कि उनको यह जॉब क्यों करनी है। अपनी मम्मी की बातों से प्रेरित होकर कई बार असफल होने के बाद भी इतने लंबे समय तक उनके द्वारा प्रयास किया गया और अंततः सफलता हासिल की ।
शक्ति दुबे द्वारा चर्चा के दौरान यूपीएससी सिविल सेवा की तैयारी करने वाले परीक्षार्थियों को सलाह दी गई की यूपीएससी की परीक्षा से पहले विधिवत होमवर्क करना चाहिए, यूपीएससी के पाठ्यक्रम की सही से जानकारी करनी चाहिए कि, क्या पढ़ना है, कितना पढ़ना है, कितनी किताबों को पढ़ना है तथा मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू का कितना वेटेज रहता है उसी के अनुसार अपनी प्राथमिकताओं को तय करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने एनसीईआरटी की किताबें तथा पूर्व में आए हुए प्रश्नों पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की सलाह दी गई। उनके द्वारा परीक्षार्थियों को यह सलाह भी दी गई कि चूंकि यूपीएससी में लगभग एक प्रतिशत अभ्यर्थी ही सफल हो पाते है और लगभग 99 प्रतिशत अभ्यर्थियों को असफलता मिलती है। अतः ऐसे में हमेशा अभ्यर्थियों को कैरियर के रूप में एक द्वितीय विकल्प सोच विचार करके अवश्य रखना चाहिए, जिससे असफल होने पर हम बिखरने न पाए और अपने जीवन में आगे बढ़ सकें।
इसके अतिरिक्त शक्ति दुबे द्वारा असफलता मिलने पर अपने आप को कैसे अभिप्रेरित किया गया, परीक्षा हेतु उनके वैकल्पिक विषय क्या थे, परिणाम वाले दिन सफल होने पर अपनी मनःस्थिति, सिविल सेवक के रूप में उनकी क्या-क्या प्राथमिकताएं रहेगी आदि के सम्बन्ध में भी विस्तार से चर्चा की गई है, जिसे उक्त पॉडकास्ट के माध्यम से देखा और सुना जा सकता है।

