ब्यूरो प्रमुख
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
पति पत्नी सहित 3 बच्चों की आत्महत्या से मचा हड़कंप
नौकरी के नाम पर दिए 7 लाख रुपए वापस न मिलने से परेशान युवक ने परिवार सहित की आत्महत्या
पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर मामले की कर रही पूछताछ
जौनपुर ,05 जुलाई मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र के जयरामपुर गांव में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक टेंट संचालक पति ने अपनी पत्नी एवं तीन मासूम बच्चों को मारकर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। घटना की जानकारी बुधवार सुबह तब हुई जब वह घर से बाहर नहीं निकला। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने सभी मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शैलेंद्र सिंह उपजिलाधिकारी, नायब तहसीलदार, समेत कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई
सलारपुर गांव निवासी नागेश विश्वकर्मा घर से थोड़ी दूर इटाए मार्ग पर मुख्य सड़क पर जयरामपुर गांव में नागेश विश्वकर्मा 42 पुत्र प्रेमशंकर विश्वकर्मा, पत्नी राधिका 38, बेटी निकिता उम्र 13 वर्ष, आयुसी 3 वर्ष, बेटा आदर्श उम्र 5 के साथ मकान बनाकर रहता था। नागेश रोजी रोटी के सिलसिले में शहर मुंबई में था लेकिन लॉकडाउन के बाद वह घर आकर रह रहा था आसपास के ग्रामीणों की माना जाए तो करीब डेढ़ वर्षो से वह कुछ दूर स्थित एक स्कूल में नौकरी के लिए अपना खेत बेचकर दो लाख दिया था और उसी विद्यालय में आता जाता था। ग्रामीणों की माने तो उसी बात को लेकर आए दिन नागेश और पत्नी के बीच कहासुनी होतीरहती थी इसी बात से लेकर मंगलवार की रात नागेश ने पहले अपनी पत्नी राधिका की सिलबट्टे से सर पर वार कर मार डाला उसके बाद बारी बारी से अपने दो बेटियो एवं एक बेटे को मौत के घाट उतार दिया। मौके की स्थिति से पता चलता है कि तीनों बच्चों की गला दबाकर मारा गया होगा क्योंकि सभी मृतकों के मुंह से खून निकला था। उसके बाद नागेश कमरे के अंदर लगे पंखे में गमछे का फंदा बनाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। बुधवार की सुबह 10:00 बजे तक जब परिवार का कोई भी सदस्य बाहर नहीं निकला तो गांव से उसका चचेरा भाई सोनू विश्वकर्मा पहुंचा और जगाने का काफी प्रयास किया तो अन्दर से कोई प्रतिक्रिया न होने पर दरवाजे को जोर से धक्का मारा तो दरवाजा की कुंडी टूट गयी और सोनू जब अंदर गया तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गया जिसके बाद वह चिल्लाते हुए बाहर आया और घटना की सूचना 112 नंबर पुलिस को जानकारी दिया। और थोड़ी देर में ही कोतवाली पुलिस को सूचना मिलते ही कोतवाल सुधीर कुमार गुप्ता फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे उन्होंने घटना की जानकारी करने के बाद उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दिया जिसके बाद पुलिस अधीक्षक अजय पाल शर्मा क्षेत्राधिकारी मड़ियाहूं चोब सिंह ,एडिशनल एसपी ग्रामीण शैलेन्द्र सिंह, एसडीएम मड़ियाहूं लाल बहादुर ,तहसीलदार राम सुधार राम मौके पर पहुंचे। घटना की जांच के दौरान पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस की माना जाए तो सुसाइड नोट में लिखा था कि “इन सभी के मौत के जिम्मेदार मैं खुद हूं और कोई नहीं है” सुसाइड नोट ने एक रिश्तेदार द्वारा चपरासी की नौकरी के लिए स्कूल प्रबंधक को दिया था प्रबंधक द्वारा पैसा न दिए जाने और नौकरी न मिलने से वह काफी परेशान था जिस कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया ।पुलिस मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
घटना के संबंध में बुधवार को जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि आज सुबह सोनू विश्वकर्मा ने पुलिस को सूचना दिया कि उनके चचेरे भाई नागेश अपने तीन बच्चों और अपनी पत्नी की हत्या करके फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया है। घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल पुलिस मौके पर पहुंचकर देखा तो तीन बच्चे बेड पर पड़े थे जिनमें एक लड़का व दो लड़कियां बच्चियों की उम्र 12 साल जबकि लड़के 5 वर्ष का है।मृतक 37 वर्ष का है।बच्चो का शव बेड पर तो पत्नी का शव फोल्डिंग चारपाई पर पर था।बच्चो के शव को इनके सिर पर सील बट्टे के लोहे से चोट किया गया है।नागेश फासी के फंदे पर लटका हुआ था पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है। मौके से काफी सामान एकत्रित किया गया है।घटना की जांच पड़ताल किया जा रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि मृतक नागेश विश्वकर्मा द्वारा स्वयं और अपनी पत्नी और 3 बच्चों की हत्या किया है। इस प्रकरण में मौके से बहुत चीजें मिली है भाई की मौजूदगी में एक पतली काफी बरामद हुई है जिसमें मृतक नागेश विश्वकर्मा द्वारा यह लिखा गया है इसके लिए मैं खुद जिम्मेदार हूं उसके द्वारा ऐसा इसलिए किया गया कि भानु प्रताप विश्वकर्मा पुत्र वंशराज विश्वकर्मा निवासी सलारपुर नेवढ़िया के द्वारा शिवा आसरे सिंह पुत्र स्व सरजू प्रसाद सिंह सरजू प्रसाद कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय है उसने चपरासी की नौकरी के नाम पर मृतक ने 7 लाख रुपये शिव आसरे सिंह को दिया था इसने न तो नौकरी दिए और ना ही उसका पैसा वापस कर रहे थे इसी समझौते के लिए उसे बुलाया गया था जिससे परेशान होकर उसने आत्महत्या किया है सगे भाई की लिखित तहरीर और सुसाइड नोट के आधार पर दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करते हुए अन्य विधिक कार्यवाही की जा रही है।

