मडियाहूं विद्युत उपकेंद्र का ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने किया औचक निरीक्षण
फीडरों व विद्युत आपूर्ति की ली जानकारी, लॉग शीट में अनियमितता पर जताई नाराजगी
जेई के अनुपस्थित मिलने पर अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए0 के0 शर्मा जी ने मिर्जापुर से सुल्तानपुर जाते समय जौनपुर जनपद के मडियाहूं विद्युत उपकेंद्र का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपकेंद्र की विद्युत व्यवस्था, फीडरों की स्थिति तथा विद्युत आपूर्ति से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान मा0 मंत्रीजी ने उपकेंद्र के रजिस्टरों का अवलोकन किया और संचालन व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। इस दौरान लॉग शीट भरने में अनियमितता पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित कर्मचारियों को कार्य में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
मौके पर जूनियर इंजीनियर (जेई) के अनुपस्थित पाए जाने पर मा0 मंत्रीजी ने इस पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्युत उपकेंद्रों पर तैनात अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का पूरी गंभीरता से निर्वहन करें, जिससे उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।उन्होंने कहा कि प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग की जा रही है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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जौनपुर 14 मार्च 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-04
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 54265 मामलें हुए निस्तारित
सिविल जज सी०डि० / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर सुशील कुमार सिंह ने अवगत कराया है कि उ० प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं माननीय जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर श्री सुशील कुमार शशि की अध्यक्षता एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय / नोडल अधिकारी लोक अदालत, जौनपुर श्री रणजीत कुमार, व सिविल जज सी०डि०/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर श्री सुशील कुमार सिंह की देखरेख में जनपद न्यायालय परिसर जौनपुर में दिनांक 14.03.2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश जौनपुर द्वारा माँ सरस्वती के प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का शुभारम्भ किया गया तथा उनके द्वारा अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण हेतु सर्व सम्बन्धित को प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर श्रीमती प्रीति श्रीवास्तव-II, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, पीठासीन अधिकारी एम०ए०सी०टी० श्री मनोज कुमार अग्रवाल, समस्त अपर जनपद न्यायाधीशगण तथा समस्त सिविल व फौजदारी न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लम्बित 6325 एवं राजस्व न्यायालयों तथा प्रशासन के अन्य विभागों में प्रीलिटिगेशन वाद के कुल 47940 मामलें निस्तारित हुए तथा समझौता राशि कुल रू० 191629258 रुपये की गई।
पारिवारिक न्यायालयो द्वारा 101 मुकदमों को निस्तारित किया गया जिसमें पीड़िता को मु0 12721103 रूपये की समझौता राशि प्रदान करायी गयी।
इस अवसर पर पीठासीन अधिकारी एम०ए०सी०टी० द्वारा क्षतिपूर्ति के 87 मुकदमें लगाये गये जिनमें से 61 मामलों का निस्तारण करते हुए कुल रू0 53775000 रुपये की धनराशि क्षतिपूर्ति याचीगण को दिलायी गयी।
न्यायालय अपर जिला जज पंचम जौनपुर द्वारा विद्युत वसूली के 323 वादों का निस्तारण किया गया।
विभिन्न न्यायालयों द्वारा 4201 शमनीय फौजदारी वादों को निस्तारित किया गया जिनमें रू0 629770 का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया। एन० आई० एक्ट के 06 मामलों का निस्तारण किया गया तथा अन्य प्रकार के 1562 मामलों का निस्तारण किया गया जिसमें समझौता राशि रू0 38235 दिलाया गया।
सिविल न्यायालयों द्वारा कुल 78 मामलों का निस्तारण किया गया जिसमें उत्तराधिकार के मामलों में मु० 1646453 रूपये का प्रमाण पत्र निर्गत किया गया।
प्री-लिटिगेशन स्तर पर वैवाहिक विवाद के 07 मामलों का निस्तारण किया गया तथा राजस्व न्यायालयों फौजदारी के 1809 वादों, राजस्व के 607 वाद एवं अन्य प्रकार के 44074 व नगर पालिका द्वारा जलकर से सम्बन्धित 33 वादों का निस्तारण किया गया।
बैंक / फाइनेंस कम्पनी एवं बी०एस०एन०एल० आदि के रिकवरी से सम्बन्धित 05 प्री-लिटिगेशन वाद निस्तारित किये गये तथा जिसमें मु0 19841 रुपये का समझौता किया गया।
इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 54265 मामलों का निस्तारण किया गया जिसमें कुल रू० 191629258 रुपये की धनराशि पर समझौता किया गया।
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