13 अप्रैल- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
देखि बुद्धि बल निपुन कपि
कहेउ जानकीं जाहु ।
रघुपति चरन हृदयँ धरि
तात मधुर फल खाहु ।।
( सुंदरकाड, दो. 17 )
राम राम 🙏🙏
श्री हनुमान जी ने श्री सीता जी को श्री राम जी का संदेश दिया है, संदेह करने पर अपना वास्तविक रूप दिखाया है , माँ प्रसन्न होती हैं, श्री हनुमान जी को आशीष देती हैं । श्री हनुमान जी कहते हैं कि मुझे भूख लगी है, माँ ने उन्हें बुद्धि व बल में निपुण पाकर फल खाने की आज्ञा देती हैं और कहती हैं कि पुत्र! राम जी को हृदय में धारण कर मीठे फल खाओ।
भक्तों, श्री सीताजी ने श्री हनुमान जी से कहा कि श्री राम जी को हृदय में धारण कर मीठे फल खाओ । एकबार श्री राम जी को आप अपने हृदय में धारण तो कर लें फिर देखें, आपके जीवन में सब कुछ मीठा ही मीठा हो जाएगा। आपके अंतः करण और वाह्य चतुर्दिक केवल आनन्द ही आनन्द होगा,अतः श्री राम जी को हृदय पटल पर धारण करें और सतत नाम भजन करते रहें……
श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम ।
सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम। सीताराम जय सीताराम जय सियाराम जय जय सियाराम, जानकीवल्लभ राजाराम।।
🚩🚩🚩 संकलन तरूण जी लखनऊ

