3 जुलाई- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
अति कोमल रघुबीर सुभाऊ ।
जद्यपि अखिल लोक कर राऊ
मिलत कृपा तुम्ह पर प्रभु करिही,
उर अपराध न एकउ धरिही ।।
( सुंदरकांड 56/3)
राम राम 🙏🙏
विभीषण के पीछे रावण ने जो दूत श्री राम जी के पास भेजे थे वे लक्ष्मण जी का पत्र लेकर लौट आए हैं। दूत रावण से कहता है कि संपूर्ण जगत के स्वामी होने के बावजूद श्री राम जी अति कोमल स्वभाव के हैं, मिलते ही आप पर वे कृपा कर देंगे और आपका एक भी अपराध अपने हृदय में नहीं रखेंगे ।
आत्मीय जन ! श्री राम जी का स्वभाव कृपा करने का है, क्षमा करने का है, परंतु कृपा तो तब हो जब हम स्मरण, जप आदि के माध्यम से उनसे जुड़ने का प्रयास करें । अतः श्री राम कृपा पाना चाहते हैं तो अपना श्री राम नाम जप व सुमिरन बढ़ाएँ। अथ…… श्री राम जय राम जय राम राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जानकीवल्लभ राजाराम ।
सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

