8 अक्टूबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
मति कीरति गति भूति भलाई ।
जब जेहिं जतन जहाँ जेहिं पाई
सो जानब सत्संग प्रभाऊ।
लोकहुँ बेद न आन उपाऊ ।।
( बालकांड 2/3)
जय जय सियाराम 🙏
श्री मानस जी के आरंभ में सबकी वंदना करने के बाद पूज्यपाद गोस्वामी श्री तुलसी दास जी सत्संग की महिमा बताते हुए कहते हैं कि इस जगत में जिसने भी बुद्धि, कीर्ति, सद्गति , ऐश्वर्य और भलाई पाई है , उसे सत्संग का प्रभाव मानना चाहिए। वेदों में चाहे जगत में इनकी प्राप्ति का दूसरा कोई उपाय नहीं है ।
आत्मीय जन ! जिसके जीवन में सत्संग है तो उसके पास सब कुछ है, सत्संग आपको सब कुछ सुलभ कराता है । सत्संग का मतलब ही श्री राम संग हैं, श्री राम प्रेमियों का संग है। अतः अपनी सद्गति चाहते हैं तो सत्संग करें और श्री सीताराम नाम का भजन निरन्तर करते रहें। अथ….. श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरुण जी लखनऊ

