25 दिसंबर.श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
कपि बल देखि सकल हियँ हारे।
उठा आपु कपि कें परचारे ।।
गहत चरन कह बालिकुमारा।
मम पद गहें न तोर उबारा ।।
( लंकाकांड 34/1)
जय सियाराम 🙏🙏
रावण दरबार में अंगद ने जब श्री राम जी की निंदा सुनी तब अपना पांव रावण की सभा में जमा दिया है, सभी निसाचर अंगद का पांव हिला तक नहीं पाए, वे सब हार गये । रावण स्वयं अंगद का पांव ज़मीन से उठाने के लिए झुकता है, रावण को पैर पकड़ता देख अंगद रावण से कहते हैं कि मेरा चरण पकड़ने से तुम्हारी रक्षा नही होगी। श्री राम चरणों को पकड़ जहां सर्वविध रक्षा होगी।
आत्मीय जन ! इस जगत में अपनी रक्षा के लिए हमनें आपने इस भौतिक संसार में पता नही कितनो के पांव पकड़ रखें हैं परंतु स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। हमारा कल्याण तो केवल श्री राम चरणों को पकड़ने, शरणागति पाने तथा श्री राम चरणों की सेवा और भक्ति में हैं। अतः श्री सीताराम चरणों की शरणागति पाने के लिये निरन्तर श्री सीताराम नाम का भजन करते रहिए ! अथ…… श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ 🚩🚩

