कला एवं साहित्य को समर्पित अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती जौनपुर द्वारा नववर्षोत्सव २०८३ का भव्य आयोजन नवदुर्गा शिव मंदिर प्रतिमा विसर्जन घाट सद्भावना पुल जौनपुर में बड़े ही उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ किया गया
देश की उपासना ब्यूरो
जौनपुर:कला एवं साहित्य को समर्पित अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती जौनपुर द्वारा नववर्षोत्सव २०८३ का भव्य आयोजन नवदुर्गा शिव मंदिर प्रतिमा विसर्जन घाट सद्भावना पुल जौनपुर में बड़े ही उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री गिरीश चंद्र यादव माननीय राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार खेल एवं युवा कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश सरकार कार्यक्रम के मुख्य प्रायोजक श्री मनोज अग्रहरि कल्याण ज्वैलर्स एवं संरक्षक रविंद्र नाथ जी ने दीप प्रज्ज्वलित कर के किया
संस्था के सभी सदस्यों द्वारा सामूहिक ध्येय गीत के मंचन के पश्चात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में गण गीत का आयोजन किया गया ,
विभाग प्रमुख श्री कमलेश जी द्वारा संघ के बारे में विस्तृत रूप से बताया जिसमें संस्कार भारती के सृजन से अब तक के सफर के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में स्थानीय नवोदित कलाकार दस वर्षीय श्री वेद मिश्रा पुत्र पंडित सूर्य प्रकाश मिश्रा ने तबला सोलो प्रस्तुति कर सभी को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। इसी क्रम में डाक्टर नरेन्द्र पाठक जी के साथ उनके शिष्यों ने संघ गीत हम करें राष्ट्रआराधन ‘ व चरैवेति चरैवेति यही तो मंत्र है अपना की प्रस्तुति दी।कार्यक्रम में बनारस के कथक घराने के अन्तर्राष्ट्रीय कथक कलाकार पं रविशंकर जी , पं माता प्रसाद जी एवं श्रीमती ममता टंडन जी की प्रस्तुति ने सबका मन मोह लिया। उन्होंने कथक के पारंपरिक गीतों की मनमोहक नृत्य प्रस्तुति से दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।बृज भूमि मथुरा से आई डाक्टर सीमा मोरवाल जी ने बृज वंदना, मां दुर्गा की स्तुति के पश्चात मयूर नृत्य एवं बृज की लट्ठ मार होली से सभी दर्शको कोमंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में अध्यक्षता श्री वीरेंद्र जायसवाल जी, क्षेत्र कार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने की। विशिष्ट अतिथि श्री बृजेश सिंह प्रिंसू माननीय सदस्य विधान परिषद उत्तर प्रदेश, श्रीमती मनोरमा मौर्य अध्यक्ष नगर पालिका परिषद जौनपुर , डॉ रामसूरत मौर्य , काशी प्रांत महामंत्री श्री सुजीत जी,डॉ स्मिता श्रीवास्तव, डॉ क्षितिज शर्मा डॉ सुभाष सिंह जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में माननीय गिरीश चंद्र यादव जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि नव वर्ष को सभी भारतीयों को पारंपरिक तरीके से मनाना चाहिए संस्कार भारती द्वारा संस्कृति के संरक्षण संवर्धन हेतु उल्लेखनीय प्रयास किया जा रहे हैं ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन से हमें अपने लोक संस्कृति के वैशिष्ट का बोध होता है। हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है। कार्यक्रम का समापन सामूहिक वंदे मातरम से हुआ। सभी कलाकारों को अंग वस्त्रम व स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री ऋषि श्रीवास्तव , श्री आलोक सिंहा जी एवं मयंक नारायण ने किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से कोषाध्यक्ष राजकमल जी , संजय अग्रहरि, पूर्व अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव, राजेश किशोर, अतुल सिंह, दीपक श्रीवास्तव, अवधेश श्रीवास्तव, विनोद अग्रहरि, मनीष अस्थाना,अवधेश यादव, आशीष गुप्ता, अजय गुप्ता, बालकृष्ण साहू, अरुण केशरी, अभिताश गुप्ता, राज केशरी, ज्योति मिथिलेश श्रीवास्तव, सोनम अग्रहरि, योगेंद्र प्रताप सिंह, विनोद अग्रहरि, राजेश अग्रहरि, साक्षी श्रीवास्तव, ज्योति ऋषि श्रीवास्तव, क्लाविद रविकांत जायसवाल, डॉ सूरज जायसवाल,सुप्रतीक गुप्ता, आशीष श्रीवास्तव, आशीष जायसवाल, आकाश सेठ जी, दिलीप सिंह प्रदीप सिंह , शशांक सिंह रानू, उपस्थित रहे
संस्था महामंत्री अमित अंशु ने आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया

