24 दिसंबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
प्रनवउँ पवन कुमार
खल बन पावक ग्यान घन ।
जासु हृदय आगार
बसहिं राम सर चाप धर ।।
( बालकांड, दो. 17)
राम राम 🙏🙏
मानस जी के आरंभ में सबकी वंदना करने के बाद तुलसी जी हनुमान जी को प्रणाम करते हैं और कहते हैं कि जो दुष्ट रूपी वन को भस्म करने के लिए अग्नि रूप हैं , जो ज्ञान की घन मूर्ति हैं और जिनके हृदय रूपी भुवन में धनुष बाण धारण किए राम जी निवास करते हैं , मैं उन्हें प्रणाम करता हूँ ।
हनुमान जी ने राम जी को अपने हृदय में धारण कर रखा है इसीलिए वे दुष्टों को जला सकते हैं और वे ज्ञानी हैं । आप भी राम जी को धारण करें , आपमें भी सारे सद्गुण आ जाएँगे । अस्तु राम धारण करें । अथ ! जय राम , जय राम , जय जय राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

