श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

8 मार्च- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

एहिं कलिकाल न साधन दूजा ।
जोग जग्य जप तप ब्रत पूजा ।।
रामहि सुमिरिअ गाइअ रामहि।
संतत सुनिअ राम गुन ग्रामहि।।
( उत्तरकांड 129/3)
राम राम 🙏🙏
श्रीराम कथा पूर्ण करते हुए गोस्वामी जी कहते हैं कि इस कलियुग में योग , जप , तप , व्रत और पूजा आदि कोई दूसरा साधन नहीं है । राम स्मरण करना , राम गुणगान करना और सदा राम जी के गुणों को श्रवण करना चाहिए ।
इस युग में श्री राम स्मरण, श्री राम गुणगान करना व श्री राम जी के गुणों को सदा सुनते रहने से राम कृपा मिल जाती है , मनुष्य को अन्य कोई साधन अपनाना नहीं पड़ता है । राम कृपा प्राप्ति इतना सरल , तो बस लग जाएँ और नित्य भजन करें….श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम। सीताराम जय सीताराम… सीताराम जय सीताराम।🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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