16 जून – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
जाति पाँति कुल धर्म बड़ाई ।
घन बल परिजन गुन चतुराई ।।
भगति हीन नर सोहइ कैसा ।
बिनु जल बारिद देखिअ जैसा ।।
( अरण्यकांड 34/3)
राम राम 🙏🙏
श्री सीता जी को खोजते हुए श्री राम जी माता शबरी जी के पास पहुँचे हैं , माता शबरी जी उनका बहुत आदर करती है और पूछती है कि मैं किस प्रकार आपकी स्तुति करुँ । श्री राम जी कहते हैं कि परिवार, धन , बल , गुण आदि होने पर यदि किसी में भक्ति नहीं है तो वह जल हीन बादल की भाँति शोभाहीन होता है ।
आत्मीय जनों ! भगवान के मन में जीव की शोभा उसके सांसारिक ऐश्वर्य से नहीं अपितु उसकी भक्ति और प्रेम तथा समर्पण भाव से है । अतः ईश्वर की नज़रों में शोभायमान बनना चाहते हैं तो प्रभु की निष्काम भक्ति करें तो आइए बिना एक क्षण गंवाए भजन करें…..श्रीराम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम । सीताराम जय सीताराम जय सियाराम जय जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम।
सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩

