ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन: गोला क्षेत्र के मठिया में प्राथमिक स्कूल के विलय से नाराज लोगों ने की स्कूल फिर शुरू करने की मांग
गोरखपुर ब्यूरो
विद्यालय बंद होने के बात सुन कर छात्रों के आंख से निकले आंसू
गोला में प्राथमिक विद्यालय को बंद कर पास के गांव तरयापार के विद्यालय में विलय किए जाने से ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। मंगलवार को ग्रामीणों ने बच्चों के साथ स्कूल परिसर के बाहर प्रदर्शन करते हुए विद्यालय को फिर से शुरू करने की मांग की।
मठिया गांव की आबादी लगभग , 500 से अधिक है, लेकिन इस वर्ष केवल 33 बच्चों का नामांकन विद्यालय में हो पाया। इसी आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग ने विद्यालय को तरयापार के प्राथमिक स्कूल में मर्ज कर दिया है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बच्चों की संख्या पर्याप्त है, लेकिन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा न मिलने के कारण अभिभावक अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में भेजने को मजबूर हैं।
एक किलोमीटर की दूरी परेशानी का कारण
गांव के लोगों का कहना है कि छोटे बच्चों के लिए एक किलोमीटर दूर तरयापार गांव जाकर पढ़ाई करना कठिन है। बरसात, धूप और अन्य समस्याओं के चलते बच्चों की उपस्थिति प्रभावित हो सकती है। ऐसे में गांव में स्थित विद्यालय को बंद करना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
बच्चों के भविष्य के लिए खोला जाए स्कूल
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी विद्यालय नजदीक होने से गरीब परिवारों के बच्चे भी शिक्षा से जुड़ पाए थे। अब यदि विद्यालय बंद रहता है तो शिक्षा का यह अवसर उनसे छिन जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही विद्यालय दोबारा शुरू नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
प्रशासन से ग्रामीणों ने लगाई गुहार
गांव के प्रमुख ग्रामीणों—अभिमन्यु निषाद,जोखन, कार्तिकेय, किसमति देवी, पंकज,प्रियंका देवी, पाना देवी और गांव के सैकड़ों लोगों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि मठिया का प्राथमिक विद्यालय पुनः खोला जाए ताकि गांव के बच्चों को उनके द्वार पर ही शिक्षा मिल सके

