जौनपुर पुलिस द्वारा पीड़ित का WhatsApp अकाउंट सफलतापूर्वक रिकवर कराया गया

जौनपुर पुलिस द्वारा पीड़ित का WhatsApp अकाउंट सफलतापूर्वक रिकवर कराया गया
जौनपुर:अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष कुमार श्रीवास्तव के दिशा–निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी नगर देवेश सिंह के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना श्री महेश पाल सिंह एवं प्रभारी साइबर राजेश कुमार यादव के कुशल नेतृत्व में दिनांक 24.12.2025 को शिकायतकर्ता उमेन्द्र कुमार पुत्र राम सकल सिंह, निवासी मीरमस्त, सदर, जनपद जौनपुर द्वारा एक प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसमें उन्होंने अवगत कराया कि उनका WhatsApp अकाउंट हैक कर लिया गया है तथा उनके रिश्तेदारों व दोस्तों से अर्जेंट पैसों की मांग की जा रही है।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना में नियुक्त कर्मी क०आ० ग्रेड–बी जय प्रकाश सिंह , का0 सग्रांम एव का० आनन्द कुमार द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए पीड़ित का WhatsApp अकाउंट सफलतापूर्वक रिकवर कराया गया तथा उनके मोबाइल की कॉल फ़ॉरवर्डिंग को डिएक्टिवेट कराया गया, जिससे एक बड़ी साइबर ठगी को होने से पहले ही रोकने में सफलता प्राप्त हुई।साइबर अपराध में प्रयुक्त मोबाइल नंबरों एवं जिन खातों में पैसों की मांग की गई थी, उन्हें भी बंद कराने की कार्यवाही की जा रही है। साथ ही जनपद जौनपुर के नागरिकों के साथ इस प्रकार की साइबर ठगी न हो, इसके लिए पूरी घटना के आधार पर साइबर थाना, जनपद जौनपुर द्वारा निम्नलिखित सुझाव जारी किए जा रहे हैं—
*क्या हुआ? (What happened)*
पीड़ित के पास एक कॉल/मैसेज आया। कॉल करने वाले ने खुद को डिलिवरी सर्विस से जुड़ा व्यक्ति बताया और कहा—
“आपका एक पार्सल भारतीय डाक से आया है, लेकिन सर्वर में दिक्कत की वजह से डिलिवरी नहीं हो पा रही है।
कृपया दिए गए नंबर पर डिलिवरी बॉय से बात कर लीजिए।”
इसके बाद मैसेज में एक कोड के साथ नंबर दिया गया, जैसे:
*21*XXXXXXXXXX# पीड़ित ने जैसे ही यह कोड डायल किया, कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिवेट हो गई।
*कैसे हुआ? (How it happened)*
•*21* नंबर डायल करते ही पीड़ित के मोबाइल की सभी कॉलें साइबर अपराधी के नंबर पर फॉरवर्ड हो गईं
*कैसे हुआ? (How it happened)*
•*21* नंबर डायल करते ही पीड़ित के मोबाइल की सभी कॉलें साइबर अपराधी के नंबर पर फॉरवर्ड हो गईं
•इसके बाद अपराधी ने WhatsApp “Forgot PIN / OTP” का ऑप्शन इस्तेमाल किया
•WhatsApp का OTP कॉल के जरिए आया, लेकिन कॉल फॉरवर्ड होने के कारण OTP सीधे अपराधी को मिल गया
•अपराधी ने पीड़ित का WhatsApp अपने फोन में एक्टिवेट कर लिया
•फिर उसने पीड़ित के रिश्तेदारों और दोस्तों को मैसेज/कॉल कर पैसे की मांग शुरू कर दी
•बाद में जिस नंबर पर कॉल फॉरवर्ड थी, उसे स्विच ऑफ कर दिया, ताकि पीड़ित के रिश्तेदार/दोस्त कुछ समझ न सके
*क्यों हुआ? (Why it happened)*
यह फ्रॉड हुआ क्योंकि:
•पीड़ित ने बिना समझे USSD कोड (*21*) डायल कर लिया
•डिलिवरी/पार्सल की बात सुनकर जल्दबाज़ी में कार्रवाई की
•WhatsApp की OTP सुरक्षा को हल्के में लिया
•यह नहीं जाना कि कोई भी कंपनी कभी ऐसे कोड डायल करने को नहीं कहती
*यह बहुत खतरनाक क्यों है?*
•WhatsApp हैक होते ही अपराधी आपकी पहचान बन जाता है
•आपके नाम से पैसे मांगता है
•आपकी फोटो, चैट और भरोसे का गलत इस्तेमाल करता है
•रिश्तेदार और दोस्त आसानी से ठगे जाते हैं
*साइबर पुलिस की महत्वपूर्ण अपील*
यदि आपके मोबाइल में कॉल फ़ॉरवर्डिंग एक्टिवेट हो गई हो या आपको संदेह हो कि कोई आपके कॉल/WhatsApp का दुरुपयोग कर रहा है, तो तुरंत यह कदम उठाएँ—
*तुरंत क्या करें? (Immediate Action)*
👉 सभी कॉल फ़ॉरवर्डिंग बंद करने के लिए तुरंत डायल करें: ##002#
*इसके बाद:*
WhatsApp को दोबारा वेरिफाई करें
WhatsApp में Two-Step Verification (Security PIN) तुरंत चालू करें
अपने सभी रिश्तेदारों और संपर्कों को सूचित करें, ताकि वे किसी भी पैसे की मांग पर भरोसा न करें
साइबर फ्रॉड की स्थिति में 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
*महत्वपूर्ण सावधानी*
अगर कोई भी व्यक्ति आपको * या # के साथ कोई भी नंबर डायल करने के लिए कहे — चाहे वह खुद को डिलिवरी बॉय, बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर या किसी कंपनी का कर्मचारी बताए — तो बिल्कुल भी डायल न करें।
यह तरीका कॉल फ़ॉरवर्डिंग के ज़रिये WhatsApp और मोबाइल अकाउंट हैक करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
हमेशा अपने WhatsApp में Two-Step Verification (2-Step Security PIN) चालू रखें।
जागरूक रहें, सतर्क रहें — सुरक्षित रहें।

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