एकार्थी फाउंडेशन के पदाधिकारीयों ने भगवान गणेश जी से लिया आशीर्वाद। कहा कि गणपति बप्पा हमारे इष्ट देव हैं।
नायगांव, महाराष्ट्र – नायगांव पूर्व में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। सबसे लोकप्रिय पर्व माने जाने वाले गणेशोत्सव का आयोजन प्रथम युवा फाउंडेशन के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के घर पर भी किया है। गणपति बप्पा के आगमन के साथ ही जायसवाल के निवास पर उत्सव का माहौल है, जिसमें उनके मित्रगण, परिवार के सदस्य और स्थानीय लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
पिछले 12 वर्षों से जायसवाल परिवार अपने घर पर गणपति बप्पा का स्वागत करता आ रहे है। यह परंपरा सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि नायगांव के लोगों के लिए एकता और भाईचारे का प्रतीक बन चुकी है। हर साल इस गणेशोत्सव में सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक साथ मिलकर इस पर्व को मनाते हैं, जो नायगांव की गंगा-जमुनी तहज़ीब को दर्शाता है। इस वर्ष भी गणपति की स्थापना के बाद से ही जायसवाल के घर पर भक्तों का तांता लगा हुआ है।
इस अवसर पर दिलीप जायसवाल ने कहा, “गणेश चतुर्थी का त्योहार हमारे लिए सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि एक भावना है। हम पिछले 12 सालों से गणपति बप्पा का स्वागत कर रहे हैं और हर साल उनका आशीर्वाद हमारे परिवार और हमारे सभी मित्रों पर बना रहता है। इस आयोजन का उद्देश्य गणेश जी का पूजा-अर्चना करना, और सभी लोगों को एक साथ लाना तथा हमारे समाज में सौहार्द और प्रेम का संदेश फैलाना है।”
उन्होंने आगे कहा “प्रथम युवा फाउंडेशन हमेशा से समाज के उत्थान के लिए काम करता रहा है, और यह गणेशोत्सव हमें समाज के हर वर्ग के लोगों के करीब आने का मौका देता है। मैं उन सभी लोगों का आभारी हूँ जो हर साल इस उत्सव में शामिल होकर इसकी शोभा बढ़ाते हैं।”
गणेशोत्सव के दौरान जायसवाल के घर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया जा रहा है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इन आयोजनों में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भी दिलीप जायसवाल के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि उनके द्वारा आयोजित यह पर्व नायगांव की पहचान बन चुका है।
गणेश चतुर्थी का यह पर्व नायगांव पूर्व में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार कर रहा है। जायसवाल के घर पर स्थापित गणपति बप्पा की प्रतिमा की भव्यता और भक्तिमय माहौल ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया है। यह उत्सव अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा, जिसके बाद गणपति बप्पा को धूमधाम से विदाई दी जाएगी।

