श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

25 जुलाई- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

जब ते राम कीन्ह तह बासा ।
सुखी भए मुनि बीती त्रासा ।।
गिरि बन नदीं ताल छबि छाए
दिन दिन प्रति अति होहिं सुहाए
( अरण्यकांड 13/1)
राम राम 🙏🙏
राम जी अगस्त्य ऋषि के आश्रम आएँ हैं और मुनि से कहते हैं कि मैं किस कारण से आया हूँ आप जानते हैं ।मुनि ने रहने के लिए पंचवटी नामक स्थान बताया है । राम जी जब से पंचवटी में रहने लगे तब से मुनि जन सुखी हो गये , उनका डर जाता रहा , पर्वत नदी , तालाब सब शोभायमान हो गये , दिन प्रतिदिन ये सब अधिक सुंदर दिखाई देने लगे ।
राम जी का जहाँ वास होता है वहाँ सब कुछ सुंदर हो जाता है । आप अपने ह्रदय में राम जी को बैठाएँ, परिणाम स्वरूप आप सुंदर हो जाएँगे, आपका घर सुंदर हो जाएगा , आपका परिवार सुंदर हो जाएगा , दिनोंदिन आपके आसपास सब कुछ सुंदर होता जाएगा । अथ ! जय सुंदर सुंदर राम ,जय सुंदर सुंदर राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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