श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

14 जनवरी – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

बिबिधि भाँति भोजन करवावा ।
मुनिबर ह्रदय हरष अति पावा ।।
पुनि चरननि मेले सुत चारी ।
राम देखि मुनि देह बिसारी ।।
( बालकांड 206/2-3)
राम राम 🙏🙏
विश्वामित्र जी ने यज्ञ करने में बाधा डालने वाले निसाचरों के बध के लिए राम रूप अवतरित भगवान को लाने का निश्चय किया है । वे दशरथ जी के पास जाते हैं ।दशरथ जी ने उनकी पूजा की व भोजन कराया है , विश्वामित्र प्रसन्न हो जाते हैं । पुनः राजा ने चारों बच्चों को बुलाकर चरणों में अर्पित कर दिया है । राम जी को तो देखकर मुनि जी अपनी देह की सुधि भूल गये हैं ।
मित्रों! जिसे देखकर जगत भूल जाए वह राम हैं । जगत भूलने का अर्थ अपना सुख दुख भूलना है और आनंद में रहना है । अतः राम निहारें बस राम निहारें । अथ !राम राम जय राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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