10 फरवरी – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
तात राम नहिं नर भूपाला ।
भुवनेश्वर कालहु कर काला ।।
ब्रह्म अनामय अज भगवंता ।
ब्यापक अजित अनादि अनंता
( सुंदरकांड 38/1)
राम राम 🙏🙏
लंका जल चुकी है , निसाचर डरे हुए हैं , मंदोदरी की बात रावण मानता नहीं है । विभीषण आते हैं , रावण को समझाते हैं , राम जी के बारे में बताते हुए कहते हैं कि भैया! राम जी मनुष्यों के राजा नहीं हैं वे समस्त लोकों के स्वामी और काल के काल हैं । वे अजेय, अजन्मा , व्यापक , अनादि तथा अनंत ब्रह्म हैं ।
जो तीनों लोकों का स्वामी हो , जो काल का भी काल हो उसके बारे में बहुत प्रश्न नहीं करना चाहिए अपितु उससे प्रेम कर अपना जीवन ठीक कर लें । अथ ! श्रीराम जय राम जय जय राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

