30 अप्रैल – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
तात तीनि अति प्रबल खल
काम क्रोध अरू लोभ ।
मुनि बिग्यान धाम मन
करहिं निमिष महुँ छोभ ।।
( अरण्यकांड, दो. 38)
राम राम 🙏🙏
श्री राम जी श्री सीता जी को खोजते हुए वन वन भटक रहें है । वन के वृक्ष , लताएँ, पक्षी , पवन आदि देखकर ऐसा लगता है कि मानो काम देव अपनी सेना के साथ वन में विचरण कर रहा है । वे श्री लक्ष्मण जी से कहते हैं कि तात! काम , क्रोध व लोभ तीन प्रबल खल हैं , जो ज्ञानी, तपस्वी मुनियो के मन को भी पल में प्रभावित कर देते हैं ।
भक्तों ! काम, क्रोध व लोभ पल भर में हमारे मन, चित्त को प्रभावित कर देते हैं , ऐसे में श्री राम नाम स्मरण ही हमें इन प्रबल खलों से बचा सकता है । जिसके मन में श्री राम जी बसते हैं उनके प्रताप से सभी खल निर्बल हो जाते हैं । अतः केवल और केवल श्री सीताराम जी को मन में बसा लीजिए और श्री सीताराम नाम का निरन्तर भजन करते रहिए……. श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम । श्री राम जय राम जय जय राम, जय सियाराम जय जय सियाराम, सीताराम जय सीताराम जय सियाराम जय जय सियाराम। जय सियाराम जय जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

