12 अगस्त – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
राम सरिस को दीन हितकारी ।
कीन्हे मुकुत निसाचर झारी ।।
खल मल धाम काम रत रावन ।
गति पाई जो मुनिबर पाव न।।
( लंकाकांड -113/5)
राम राम 🙏🙏
रावण की मृत्यु उपरांत सभी देवता श्री राम जी की स्तुति करने आते हैं । इसी क्रम में इंद्र आते हैं , श्री राम जी उनसे कपि भालुओं को ज़िंदा करने को कहते हैं । इंद्र अमृत की वर्षा करते हैं, कपि भालु सब श्री राम जी की इच्छा से जीवित हो जाते हैं । श्री राम जी जैसा दीनों का हितैषी कौन होगा जिसने सारे राक्षसों को मुक्त कर दिया । दुष्ट, पापी व कामी रावण ने भी वह गति पाई जो श्रेष्ठ मुनि भी नहीं पाते हैं ।
श्री राम जी हमारे सबसे बड़े हितैषी हैं बस ज़रूरत है उनसे निष्काम प्रेम करने की , जब निसाचरो को मुक्ति मिल सकती है तो हमें आपको भला कौन रोक सकता है। बस श्री सीताराम जी का स्मरण करें, भक्ति करें और सतत श्री सीताराम नाम का भजन करते रहें । अथ…… श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम, सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरूण जी लखनऊ

