10 नवंबर – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
जे पद जनकसुताँ उर लाए।
कपट कुरंग संग धर धाए।।
हर उर सर सरोज पद जेई।
अहोभाग्य मैं देखिहउँ तेई ।।
( सुंदरकांड 41/4)
राम राम जी 🙏🙏
विभीषण को रावण अपमानित करता है , विभीषण उसे चेतावनी देते हुए श्री राम शरण में चल देते हैं । वे विचार करते हुए जा रहे हैं कि जिन चरणों को जानकी जी ने अपने हृदय में धारण कर रखा है, जो चरण कपटमृग के पीछे भागे थे , जो चरण भगवान शिव जी के हृदय सरोवर में विराजते हैं , मेरा अहोभाग्य है कि मैं उन्हीं चरणों को आज देखूँगा ।
बंधुवर! श्री राम चरण चिंतन हमारा भाग्य वर्धन करता है , श्री राम चरण चिंतन करके किनके भाग्य अहोभाग्य में बदले इसका चिंतन हमें श्री राम चिंतन, श्री राम नाम सुमिरन में लगाएगा और हमारा भाग्य भी सौभाग्य में बदल जाएगा। अथ…. श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

