श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

2 दिसंबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

सुमति कुमति सब कें उर रहहीं ।
नाथ पुरान निगम अस कहहीं ।।
जहाँ सुमति तहँ संपति नाना ।
जहाँ कुमति तहँ बिपति निदाना।
( सुंदरकांड 39/3)
राम राम जी 🙏🙏
लंका जल चुकी है , निसाचर डरे हुए हैं, रावण किसी की सुनता नहीं है । विभीषण जी आते हैं , भाई को समझाते हैं । वे कहते हैं कि हे नाथ! पुराण व वेद ऐसा कहते हैं कि सुबुद्धि और कुबुद्धि सबके हृदय में रहती है परंतु जहाँ सुबुद्धि का वास होता है वहाँ हर प्रकार का सुख रहता है और जहाँ कुबुद्धि होती है वहाँ दुःख ही दुख रहता है ।
आत्मीय जन ! अपना सुख दुख हम आप अच्छी तरह जानते हैं । अपना सुख कम है तो श्री राम को धारण करें कारण राम सुबुद्धि हैं , सुखधाम हैं , परिणाम में सुख बढ़ेगा और दुख कम हो जाएगा। अस्तु….. श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

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