रिजर्व पुलिस लाइन पर आतंकी हवाई हमला मॉकड्रिल: ब्लैक आउट की स्थिति में सिविल डिफेंस की अहम भूमिका

रिजर्व पुलिस लाइन पर आतंकी हवाई हमला
मॉकड्रिल: ब्लैक आउट की स्थिति में सिविल डिफेंस की अहम भूमिका

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

लखनऊ, युद्ध के दौरान हवाई हमला बजते सायरन और चौतरफा अंधेरा हवाई लड़ाकू विमान की गड़गड़ाहट की गूंज और ताबड़तोड़ बमबारी शुरू हो गई हवाई हमले में हुए विस्फोट से इमारतों का ढहने कई स्थानों पर आगजनी, वाहन क्षतिग्रस्त, आमजनों की चीख पुकार जैसी आपदा की स्थिति में नागरिको व घायलों की सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस वार्डेन सेवा के स्वयंसेवकों द्वारा बचाव व राहत कार्य की शुरुआत हुई। बुधवार को राजधानी के रिज़र्व पुलिस लाइन ग्राउंड में हुई नागरिक सुरक्षा द्वारा आयोजित वृहद स्तर पर मॉकड्रिल में आतंकी हमले से बचाव कार्य किये गये। ब्लैकआउट मॉकड्रिल में चीफ़ वार्डेन श्री अमरनाथ मिश्रा सिविल डिफेंस टीम के साथ रेस्क्यू में जुटे। आतंकी हवाई हमले में लगी भीषण आग और आग में फंसे लोगों को अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से चीफ वार्डेन अमरनाथ मिश्रा ने घायल को रेस्क्यू किया। मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मा० योगी आदित्यनाथ जी, लखनऊ सिविल डिफेंस के नियंत्रक/जिलाधिकारी श्री विशाख जी की गरिमामई मौजूदगी रही।
सिविल डिफेंस के चीफ वार्डेन अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि मॉकड्रिल ब्लैकआउट जो कि युद्ध के दौरान जनधन की क्षति को कम करने हेतु क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को तत्काल रोक लगाना। जलते हुए गैस सिलेंडर को बाहर निकालकर उसकी आग पर काबू पाना। हवाई हमले में घरों में लगी आग को बुझाने, घरों में फंसे लोगों को बचाओ कार्य और घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार देने का कार्य सिविल डिफेंस के वार्डेनों द्वारा ही संभव हो सकता है जिसको बखूबी निभाते हैं। हवाई हमले में घायल को राजाजीपुरम प्रखण्ड के रामगोपाल सिंह की टीम ने रेस्क्यू कर तत्काल प्राथमिक उपचार हेतु कैम्प में पहुंचाने का कार्य किया।
सिविल डिफेंस द्वारा ब्लैकआउट मॉकड्रिल समय समय आयोजित कि जाती रही है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय की गाइड लाइन के अनुसार देश के 244 स्थानों पर सिविल डिफेंस के तत्वाधान में किया जाना सुनिश्चित किया गया था, जिसके परिपेक्ष्य में सिविल डिफेंस से जुड़ी गतिविधियों को निरंतर किया जाता रहा है। वृहद स्तर पर ब्लैकआउट मॉकड्रिल अभ्यास ताकि स्वयंसेवकों और प्रशिक्षित हो सकें और अधिक से अधिक आम नगारिकों को भी जागरुक किया जा सके।
नागरिक सुरक्षा के डिप्टी चीफ वार्डेन गुरप्रीत सिंह सेठी, स्टॉफ ऑफिसर ऋतुराज रस्तोगी, उपनियंत्रक अनिता प्रताप, वरिष्ठ सहायक उपनियंत्रक मनोज वर्मा, सहायक उपनियंत्रक ऋषि कुमार, ममता रानी, मुकेश कुमार, रेखा पाण्डेय, डिविजनल वार्डेन सुनील कुमार शुक्ला, कृपाशंकर मिश्रा, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, राजेंद्र श्रीवास्तव, रामगोपाल सिंह, नफीस अहमद सहित वार्डेनों प्रतिभाग किया।

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