लखनऊ: हिम सिटी माण्टेसरी स्कूल में वार्षिकोत्सव-2025 का आयोजन

लखनऊ: हिम सिटी माण्टेसरी स्कूल में वार्षिकोत्सव-2025 का आयोजन

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

लखनऊ। देवा रोड स्थित हिम सिटी माण्टेसरी स्कूल में वार्षिकोत्सव-2025 (वार्षिक पुरस्कार वितरण व सांस्कृतिक कार्यक्रम) धूमधाम से मनाया गया। इस शानदार आयोजन में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपने अभिभावकों के साथ कार्यक्रम का पूरा आनंद लिया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. नीरज चौबे (गणित एवं खगोल विज्ञान विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय) और विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अजय कुमार (असिस्टेंट प्रोफेसर, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय) तथा प्रवीण सिंह (प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और ब्लॉगर लेखक) उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य अतिथि ने विद्यालय की शिक्षा प्रणाली की सराहना की और छात्रों को समाज की सेवा में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

इस बार का वार्षिकोत्सव की थीम “रेट्रो” (पुराना समय) रखी गई थी। कार्यक्रम में बच्चों ने पुराने समय के खेलों और संस्कृति को दर्शाते हुए गीतों पर नृत्य किया, जो दर्शकों के दिलों को छू गया। इसके अलावा बच्चों ने मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बचने का संदेश देने के लिए सामूहिक गीत नाटक प्रस्तुत किया। इस नाटक ने सभी को इस बात का अहसास दिलाया कि बच्चों को मोबाइल से दूर रखना कितना जरूरी है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने साइबर ठगी पर आधारित एक नाटक भी प्रस्तुत किया, जिसमें दर्शकों को साइबर ठगी से बचने के उपाय बताए गए। यह नाटक इतना प्रभावशाली था कि मुख्य अतिथि और अन्य उपस्थित लोग भी बच्चों की प्रशंसा करने से खुद को नहीं रोक पाए।

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका, सदफ सिद्दीकी ने विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की और विद्यालय के उद्देश्यों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कार प्रदान किए गए और उनके उत्साहवर्धन के लिए उन्हें सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के अध्यापक सुमित कुमार तिवारी और पूजा दुबे ने किया। अंत में प्रधानाध्यापिका सदफ सिद्दीकी ने सभी छात्र-छात्राओं और अभिभावकों का धन्यवाद किया और कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

इस आयोजन ने सभी को एकता और शिक्षा के महत्व का एहसास दिलाया, और यह साबित किया कि जब बच्चों और शिक्षकों का समर्पण होता है, तो किसी भी कार्यक्रम को सफल बनाया जा सकता है।

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