17 फ़रवरी – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
सोइ सर्बग्य तग्य सोइ पंडित ।
सोइ गुन गृह बिग्यान अखंडित ।
दच्छ सकल लच्छन जुत सोई
जाके पद सरोज रति होई।।
( उत्तरकांड 48/4)
राम राम🙏🙏
राज्याभिषेक के कुछ दिनों बाद वशिष्ठ जी राम जी से मिलने आते हैं , वे कहते हैं कि जप तप व्रत आदि सभी साधनों का फल आपके चरणों में प्रेम होना है। वही सर्वज्ञ , तत्वज्ञ और पंडित है , वही गुणों का घर व विज्ञानी है , वही चतुर व सब लक्षणों से परिपूर्ण है जिसका आपके चरण कमलों में प्रेम होता है ।
इस जगत में बस एक काम राम चरणों में प्रेम कर लीजिए और जगत में सारे सदगुणों से युक्त हो जाइए । अस्तु राम जी से प्रेम करें , प्रेम करें । अथ ! जय जय राम , जय जय राम 🙏🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

