28 अगस्त- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
सुनु खगेस कलि कपट हठ
दंभ द्वेष पाखंड ।
मान मोह मारादि मद
ब्यापि रहे ब्रह्मंड ।।
( उत्तरकांड, दो. 101)
राम राम 🙏🙏
काकभुसुंडि जी गरुड़ जी को अपने पहले जन्म की बात बता रहे हैं जब कलियुग था । उस समय कपट , दुराग्रह, झूठा अभिमान , द्वेष, पाखंड, मान मोह और काम क्रोध लोभ मोह तथा मद आदि से पूरा ब्रह्मांड भर गया ।
आत्मीय जनों ! अभी भी कलियुग है , अभी भी पूरा ब्रह्मांड इन्हीं दोषों से परिपूर्ण है परंतु इसी ब्रह्मांड में श्री राम तत्व भी विद्यमान है, जो श्री राम जी को पकड़ लेता है, ग्रहण कर लेता है , कलियुग के दुर्गुण उस पर अपना प्रभाव नहीं डाल पाते हैं । अतः युग कोई हो, श्री राम शरण में रहें, श्री राम जी की भक्ति धारण करें। अस्तु …. श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम जय, जय सियाराम जय जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम।
सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

