अयोध्या जिला मुख्यालय पर एटक, सीटू, ऐक्टू, संयुक्त किसान मोर्चा और वामदलों के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतर कर केंद्र व राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों का किया विरोध प्रदर्शन
जिला संवाददाता डॉ अजय तिवारी
अयोध्या:केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व श्रमिक महासंघों द्वारा केंद्र सरकार की मजदूर व जनविरोधी नीतियों के खिलाफ बुधवार को देशव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में अयोध्या जिला मुख्यालय पर एटक, सीटू, ऐक्टू, संयुक्त किसान मोर्चा और वामदलों के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतर कर केंद्र व राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध किया और जमकर नारेबाजी की।
हड़ताल के समर्थन में भारी बारिश के बावजूद कार्यकर्ताओं का जमावड़ा तहसील सदर स्थित तिकोनिया पार्क में दोपहर बारह बजे तक हो गया था। वहां से भाकपा जिला सचिव अशोक कुमार तिवारी, भाकपा (माले) जिला प्रभारी अतीक अहमद, एटक नेता शैलेन्द्र प्रताप सिंह, माकपा जिला सचिव अशोक यादव, ऐक्टू नेता राम भरोस और संयुक्त किसान मोर्चा संयोजक मया राम वर्मा के नेतृत्व में निकाला गया आक्रोशपूर्ण मार्च मांगों से संबंधित नारे लगाते हुए कचेहरी गेट पहुंच कर ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
इस अवसर पर वक्ताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संसद में पारित चार श्रम कोड मजदूर वर्ग के ऐतिहासिक संघर्षों और अकूत बलिदानों से हासिल अधिकारों पर हमला है। ये कोड मजदूर विरोधी और कारपोरेट व मालिकों के हित में है। इसे तत्काल वापस लिए जांय और पुराने श्रम कानूनों को पुनर्स्थापित किया जाय। काम के घण्टे आठ को पुनर्बहाल किया जाय।
वक्ताओं ने कहा कि संसद से पारित जिन तीन काले कृषि कानूनों को किसानों ने 2020-21 में आंदोलन के बल पर केंद्र सरकार को वापस लेने के लिए बाध्य किया था, उन्ही कानूनों को सरकार नई राष्ट्रीय कृषि विपणन नीति के रूप में पिछले दरवाजे से लागू कर रही है । इसे तत्काल रोका जाए और किसान आंदोलन से किए गए वादों को पूरा किया जाए। कानूनी रूप से एम एस पी की गारंटी की जाए।
वक्ताओं ने आगे कहा कि प्रदेश सरकार बिजली का निजीकरण कर रही है यह घोर जनविरोधी कदम है। निजीकरण से बिजली और मंहगी होगी, कर्मियों की सेवा व आरक्षण प्रभावित होगा। उत्तर प्रदेश सरकार बिजली के निजीकरण फैसला तुरंत वापस ले। गरीबों को 200 यूनिट बिजली मुफ्त दे और स्मार्ट मीटर योजना रद्द करे।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के जिला सचिव माता बदल, किसान सभा के संयुक्त सचिव विनोद सिंह, पूर्व प्रधान उदय चंद यादव, रामजी राम यादव, सूर्यकान्त पाण्डेय,अनिरुद्ध प्रताप मौर्य, आफाक उल्ला, रमेश गौड़, शिवराम, प्रेम सागर, आशीष कुमार, मोहन यादव, आशीष पटेल, राम कृपाल जायसवाल, अयोध्या प्रसाद तिवारी, रमई राम, काशी राम, राजबली यादव, खुशी राम, राम रतन, नीरज यादव, राजमणि, शीला, किरन, शारदा, सरोज, उर्मिला, रेखा, जयश्री, राम जी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।

