आरएसएस के 06 प्रमुख उत्सवों में एक है मकर संक्रांति: राजेश सिंह चौहान
हरदोई(अम्बरीष कुमार सक्सेना)
शहर के श्रीशचन्द्र बारात घर में आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मकर संक्रान्ति उत्सव मनाया. जहां स्वयंसेवक भारी संख्या में इकट्ठा हुए. कार्यक्रम का आरम्भ भगवा ध्वजारोहण के साथ हुआ. तत्पश्चात युवा स्वयंसेवकों द्वारा अमृत वचन और एकल गीत प्रस्तुत किये गए. सबसे पहले संघ के नगर कार्यवाह विनय ने मंचासीन अधिकारियों का परिचय कराया और मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग सम्पर्क प्रमुख राजेश सिंह चौहान को मंच पर आमंत्रित किया।
मुख्या वक्ता ने कहा मकर संक्रान्ति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ६ उत्सवों में से एक है. वैसे तो भारत को त्यौहारों का देश माना जाता है पर मकर संक्रांति का दिन विशेष महत्व रखता है, कोई न कोई प्रेरणा देता है। इस दिन भगवान सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते है. चूँकि हर त्यौहार में कोई न कोई संदेश होता है तो मकर संक्रांति का त्यौहार, समाज को अज्ञान रूपी अंधकार से प्रकाश रुपी ज्ञान की ओर, हीनता से श्रेष्ठता की ओर, क्षुद्रता से गौरव की ओर, निराशा से आशा की ओर तथा अवगुणों का नाश कर सद्गुणों की ओर जाने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा मकर संक्रांति सामाजिक समरसता का पर्व भी है। जैसे प्रभु श्री राम ने सभी समुदाय के लोगों को जोड़ने का कार्य किया उसी प्रकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी सामाजिक समरसता के द्वारा हिन्दू समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रहा है. यह वर्ष संघ की स्थापना का शताब्दी वर्ष है और इस वर्ष संघ ने पंच संकल्प लिए हैं. परिवार हेतु कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता, नागरिक कर्त्तव्य का बोध, स्वदेशी का आग्रह, और सामाजिक समरसता. हम सभी स्वयंसेवकों को ये पंच संकल्प स्वयं में समाहित करने है. हम अपने अन्दर परिवर्तन लायेंगे तो समाज में भी परिवर्तन आएगा. और समाज में परिवर्तन आएगा तो हमारा राष्ट्र अपने परम वैभव को प्राप्त करेगा।
कार्यक्रम का समापन खिचड़ी के वितरण के साथ हुआ
इस अवसर पर वक्ता के अतिरिक्त जिला संघचालक राकेश शर्मा, जिला कार्यवाह संजीव खरे, नगर संघ चालक मिथिलेश, नगर कार्यवाह विनय पांडे, जिला प्रचार प्रमुख प्रभाकर गुप्ता, सह नगर कार्यवाह, राजवर्धन सिंह और नगर सेवा प्रमुख शोभित सोमवंशी और प्रशांत सिंह सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

