गाजियाबाद के कुछ शहरों में गहराता जा रहा है प्रीपेड स्मार्ट मीटर संकट, रिचार्ज करवाने के बाद भी लोगों को नहीं मिल पा रही बिजली

ब्यूरो चीफ/सत्य प्रकाश उपाध्याय
गाजियाबाद : गाजियाबाद के कई शहरों में इन दिनों बिजली उपभोक्ताओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रीपेड स्मार्ट मीटर रिचार्ज करने के बावजूद कई उपभोक्ताओं के घरों में 24 घंटे से लेकर कई दिनों तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो रही है। स्थिति यह है कि लोग भुगतान के बाद भी अंधेरे में रहने को मजबूर हैं और समाधान के लिए बिजली विभाग के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं।
बड़ी संख्या में शिकायतें, हेल्पलाइन भी बेअसर
कविनगर स्थित बिजली कार्यालय में प्रतिदिन 500 से 600 उपभोक्ता शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की है, जिन्होंने बिल का भुगतान या मीटर रिचार्ज तो कर दिया है, लेकिन उनके कनेक्शन अभी तक चालू नहीं हुए हैं।
रविवार को अवकाश के बावजूद यहां 200 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें अधिकांश प्रीपेड मीटर से संबंधित थीं। हेल्पलाइन नंबर 1912 पर संपर्क करने के बावजूद उपभोक्ताओं को संतोषजनक समाधान नहीं मिल पा रहा है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि रिचार्ज के बाद 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने पर भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो रही है। विभागीय कार्यालयों के लगातार चक्कर लगाने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
मुरादनगर के कई इलाकों में भी यही समस्या सामने आ रही है। नई डिफेंस कॉलोनी के एक उपभोक्ता ने बताया कि ऐप के माध्यम से भुगतान करने के बावजूद तीन दिन बाद भी बिजली आपूर्ति चालू नहीं है |
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यूपीआई या डिजिटल माध्यम से किए गए भुगतान की सूचना सिस्टम तक पहुंचने में कभी-कभी देरी हो रही है, जिसके कारण कनेक्शन बहाल होने में समय लग रहा है। हालांकि विभाग का दावा है कि अब अधिकांश मामलों में आधे घंटे के भीतर आपूर्ति बहाल की जा रही है।
स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं के अलावा, ट्रांस हिंडन क्षेत्र में लाइन मेंटेनेंस और पेड़ों की छंटाई के कारण भी कई स्थानों पर घोषित और अघोषित बिजली कटौती की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है।
अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार के अनुसार, विभाग उपभोक्ताओं के बिल और भुगतान से जुड़े मामलों की समीक्षा कर रहा है। तकनीकी खामियों को दूर करने के प्रयास जारी हैं और जल्द ही स्थिति में सुधार का दावा किया गया है।
स्मार्ट मीटर प्रणाली से जहां तेज और पारदर्शी सेवा की उम्मीद थी, वहीं वर्तमान स्थिति में यह व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनती दिख रही है। समय पर भुगतान करने के बावजूद बिजली आपूर्ति में देरी से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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