डाक्टर की लापरवाही से प्रसव के दौरान शहर के बल्लाहाता स्थित मां परमेश्वरी देवी मेमोरियल हॉस्पिटल में जच्चा बच्चा की गई जान

डाक्टर की लापरवाही से प्रसव के दौरान शहर के बल्लाहाता स्थित मां परमेश्वरी देवी मेमोरियल हॉस्पिटल में जच्चा बच्चा की गई जान

 

(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ)

 

अयोध्या।जिला चिकित्सालय व निजी अस्पतालों की चिकित्सकों के बीच चंद रुपये की लालच में मरीजों को अपनी हाथ से हाथ धोना पड रहा है।जिसका जीता जागता उदाहरण शहर के एक और निजी अस्पताल की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत का मामला सामने आया है।बताते चले कि मां परमेश्वरी देवी मेमोरियल हॉस्पिटल बल्लाहाता रिकाबगंज में स्थित है।पीडित महताबबाग,बेनीगंज निवासी सुरेश यादव ने मंगलवार को दोपहर में प्रसव पीड़ा के चलते अपनी पत्नी सोनी यादव उम्र 32 वर्ष को यहां भर्ती कराया था।भर्ती करते समय अस्पताल की डॉक्टर अंजली श्रीवास्तव ने सोनी का चेक अप किया और बताया कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। बताते हैं कि रात करीब 12:00 बजे अस्पताल की एक स्टाफ सोनी को लेबर रूम में ले गई और लगभग 1 घंटे बाद नवजात को लेकर आई और सुरेश के भाभी की गोद में उसे देते हुए बताया कि इसकी सांस नहीं चल रही है,इसे किसी बच्चे वाले डॉक्टर को दिखा दीजिए।सब लेकर के उसे बच्चों के डॉक्टर के पास गए जहां डॉक्टर ने नवजात को मृत बताया।बताते हैं कि वह लोग नवजात को लेकर के पुनः मां परमेश्वरी देवी अस्पताल पहुंचे तो बताया गया कि सोनी यादव की भी हालत बहुत गंभीर है।आनन फ़ानन में सुरेश यादव पत्नी को एंबुलेंस ले नियावां मछली मंडी स्थित आनंद हॉस्पिटल ले आए, और वहां डॉक्टर आशुतोष ने चेक करके बताया कि सोनी भी जीवित नहीं है।

पीड़ित सुरेश यादव का आरोप है कि 12:00 बजे रात में जब उनकी पत्नी को लेबर रूम में ले जाया गया तो ना तो डॉक्टर अंजली अस्पताल में मौजूद थी। और ना ही कोई अन्य डॉक्टर प्रसव के समय मौजूद था, और अस्पताल के छोटे स्टाफ की लापरवाही से उनके नवजात और पत्नी की मौत हो गई।सुरेश यादव ने नगर कोतवाली में अस्पताल की डॉक्टर व अन्य स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर दी है। पुलिस ने जच्चा बच्चा दोनों केशव को पोस्टमार्टम के लिए पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया।वही स्वास्थ्य विभाग ने इस अस्पताल को सील कर दिया।पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे सपा पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे ने मृतका की परिजनों को सांत्वना देते हुए सीएमओ से सवाल पूछा कि जब इस तरह की अस्पतालों पर कार्यवाही हुई रहती है तो इसके बावजूद दोबारा क्यों खुल जाता है। उन्होंने बताया कि जच्चा बच्चा की जान चिकित्सकों की लापरवाही और कमीशन खोरी के चक्कर में हुआ है।उन्होंने प्रशासन से मांग किया कि इसमें शामिल चिकित्सकों को बर्खास्त किया जाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। फोन पर सीएमओ से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के लापरवाह चिकित्सकों तथा अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर कार्यवाही क्यों नहीं होती है। कोई गलत पता नहीं कोई गलत पता नहीं पोस्टमार्टम हाउस पर उनके अलावा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर अश्वनी पांडे सहित भारी संख्या में विभिन्न दलों के नेता तथा पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे।

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