युवा मंच 2025: शेफ के छात्रों ने सामाजिक मुद्दों पर पेश किए प्रभावशाली नाटक
सिटी रिपोर्टर प्रत्यूष पाण्डेय
लखनऊ।स्टडी हॉल एजुकेशनल फाउंडेशन (शेफ) ने शुक्रवार को यू.पी. संगीत नाटक अकादमी में अपने हिंदी युवा नाट्य महोत्सव ‘युवा मंच’ का आयोजन किया। शेफ के चार स्कूलों के 50 से अधिक छात्रों ने नदी प्यासी थी (धर्मवीर भारती), हर क्षण विदा (नरेश सक्सेना), रानी लक्ष्मीबाई (डॉ. वृंदावन लाल वर्मा) और छोटे मुँह बड़ी बात (जयवर्धन) जैसे चार बेहतरीन नाटकों का उत्साहपूर्वक मंचन किया, जिसका शिक्षकों, अभिभावकों, एवं विद्यार्थियों ने भरपूर आनंद उठाया।
प्रत्येक दो वर्ष में आयोजित ‘युवामंच’ डॉ. उर्वशी साहनी द्वारा स्थापित शेफ की एक पहल है, जिसके दो उद्देश्य हैं: रंगमंच के ज़रिए छात्रों का आत्मविश्वास और उनकी रचनात्मकता विकसित करना, और नाटक के माध्यम से सदियों पुराने सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता और गहन सोच को बढ़ावा देना।
संस्थापक डॉ. साहनी ने कार्यक्रम के अंत में उभरते कलाकारों की प्रशंसा की और सभा को सम्बोधित करते हुए कहा, “नाट्य कला हमारी शिक्षण प्रणाली का एक अभिन्न अंग है, क्योंकि हमारा मानना है कि थिएटर के माध्यम से बच्चे सिर्फ अभिनय करना नहीं बल्कि सोचना, महसूस करना और अपनी बात रखना भी सीखते हैं। युवा मंच उनके लिए उन कहानियों को कहने का एक मंच है जो उनके लिए मायने रखती हैं। जब बच्चे प्रदर्शन करते हैं, तो वे हमें दिखाते हैं कि वे कौन हैं और वे क्या बन सकते हैं।”

