रिकाबगंज से रेलवे स्टेशन संपर्क मार्ग अचानक धंसा, संबंधित विभाग के अधिकारियों व कर्मियो में मचा हड़कंप
(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ)
अयोध्या।रामनगरी में सीवर लाइन, प्रकाश, सड़क,नाली सहित अन्य चौमुखी विकास के नाम पर करोड़ों रुपए शान द्वारा पानी के तरीके से बहाया तो जा रहा है।देखा जाये तो उस रुपए का खर्चा धरातल स्थल पर न होकर बल्कि सिर्फ कागज तक ही और कमीशन तक खर्च हो रह रहा है।जिसका जीता जागता उदाहरण गुरुवार को शहर के अति व्यस्ततम मार्ग रिकाबगंज से भाजपा कार्यालय होते हुए रेलवे स्टेशन को जाने वाला संपर्क मार्ग पर दिखाई दिया।ना बारिश हुई ना आसपास जल भराव रहा इसके बावजूद यह मार्ग आज सुबह 10:00 बजे लगभग 100 मीटर तक धंस गया।यह मार्ग काफी गहराई तक धंस गया।और बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे थे।जिसके चलते इधर से गुजरने वाले सबसे अधिक रेल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा जिन्हें रेलवे स्टेशन जाकर अपने गंतव्य स्थान पर जाने के लिए ट्रेन पकड़नी थी।इसके अलावा इधर से गुजरने वाले चार पहिया, दो पहिया वाहन चालक भी काफी देर तक यहां पर लगी जाम का शिकार हुए।गनीमत इस बात की रही किया मार्ग सुबह धस अगर कहीं रात में दशा होता तो अंधेरे के चलते कई लोग चोट भी खाते।प्रश्न यह उठता है कि आखिर अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के बाद से रामनगरी में जनता का करोड़ों रुपए अयोध्या के विकास के लिए लगाया जा रहा है लेकिन धरातल पर क्यों नहीं उतर रही है।देखा जाए तो कभी रामपथ, धर्मपथ,भक्ति पथ हल्की सी बारिश में धंस जाती है।कही फैंसी लाइट नहीं जलती हैं। कही सीवर लाइन के नाम पर विभिन्न सड़कों, गालियों,कॉलोनियों में खड्डे खोद दिये जाते है लेकिन वैसे ही छोड़ दिया जाता है।जिसके चलते इधर से गुजरने वाले राहगीर यहां के निवासी काफी मुसीबत का सामना उठाते हैं।परंतु इस गंभीर समस्या पर इससे संबंधित विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी चुप्पी साधे हुए हैं।

