शशि गैस सर्विस व सोहावल इंडियन गैस सर्विस एजेंसी के उपभोक्ता सिलेंडर के लिए हो रहे काफी परेशान
(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ)
अयोध्या।इस समय सबसे बड़ी समस्या सिलेंडर उपभोक्ताओं को सिलेंडर पाने के लिए हो रही है। लेकिन सबसे अधिक समस्या इंडियन गैस सर्विस के शशि इंडियन गैस सर्विस के साथ-साथ सोहावल इंडियन गैस सर्विस एजेंसी के गैस उपभोक्ताओं को हो रही है।लोगों की माने तो इन दोनों सिलेंडर एजेंसी के प्रबंधक कर्मचारी की मिली भगत से हाकर 2500 हजार से 3000 हजार रुपये तक ब्लैक करते हुए भेजते हुए भी दिख रहे हैं यहां तक कि कुछ हाकर रेस्टोरेंट, ठेलों, केंटीन सहित अन्य प्रमुख होटलों पर खुद फोन कर पूछते हैं कि आपको सिलेंडर ऊंचे दामों पर चाहिए। कुछ प्रतिष्ठान के स्वामी तो ब्लैक में ऊंचे दामों पर सिलेंडर ले ले रहे है।लेकिन कुछ आर्थिक तंगी के चलते नहीं ले पाते हैं।इस समय सबसे ज्यादा दिक्कत कौन गैस उपभोक्ताओं को हो रहा है जो सिलेंडर तो 1 महीने पहले बुक कर दिए हैं लेकिन इन दोनों गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने के बावजूद भी सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। देखा जाए तो इस समय सबसे अधिक गड़बड़ी देवकाली स्थित शशि गैस एजेंसी सर्विस के साथ-साथ सोहावल मैं इंडियन गैस सर्विस पर हो रही है।जिसके चलते इस एजेंसी पर गैस उपभोक्ताओं के लिए सर दर्द बना हुआ है और प्रशासन कुछ नहीं कर पा रहा है केवल मूक दर्शक की भूमिका में है।गैस उपभोक्ताओं को इस समय सबसे अधिक परेशानी रसोई गैस सिलेंडर न मिलने से है।यह समस्या इतनी बड़ी नहीं है जितना पैदा कर दी गई है।इस मारामारी की स्थिति के पीछे व्यवस्था की नाकामी तो है ही,गैस एजेंसियों की मनमानी भी चरम पर है। और सबसे ज्यादा अव्यवस्था पैदा की है शहर की सबसे बड़ी एजेंसी “शशि गैस एजेंसी” और सोहावल की इंडेन गैस एजेंसी ने जिसके पास सर्वाधिक उपभोक्ता हैं।जिला प्रशासन का दावा है कि कहीं कोई कमी गैस आपूर्ति में नहीं है।तो फिर यह मारामारी के हालात क्यों है।सवाल यह है कि जब गैस के ऑनलाइन बुक करने और डिलीवरी की एक व्यवस्था और समय सीमा निर्धारित कर दी गई है तो फिर लोगों को गैस क्यों नहीं मिल रही है।देखने में आ रहा है कि तमाम उपभोक्ता जिन्होंने गैस बुक की निर्धारित समय पर उनके फोन पर गैस डिलीवर होने का मैसेज आ जा रहा है, सब्सिडी का पैसा भी खाते में आ जा रहा है, लेकिन गैस आपूर्ति नहीं हो रही है।एक बात तो तय है कि घोटाले गैस एजेंसी से किये जा रहे हैं,जिस पर प्रशासन का कोई अंकुश नहीं है।वही उपभोक्ताओं का आरोप है सबसे बड़ी दिक्कत पैदा हुई है होम डिलीवरी बंद कर देने से।छानबीन करने पर पता चला कि जगह-जगह जो बड़े लोगों के भंडारे हो रहे हैं इनके कारण भी गैस के सिलेंडर इधर-उधर हो रहे हैं।इसी तरह से जो तमाम पहुंच वालों के होटल हैं उनके यहां अनधिकृत तौर पर सिलेंडर आपूर्ति की जा रही है।

