5 जून – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
तत्व प्रेम कर मम अरु तोरा ।
जानत प्रिया एकु मनु मोरा ।।
सो मनु सदा रहत तोही पाहीं ।
जानु प्रीति रसु एतनेहि माहीं ।।
( सुंदरकांड 14/3-4)
राम राम 🙏🙏
हनुमान जी अशोक वाटिका में राम नाम अंकित मुद्रिका गिराकर राम गुणगान करते हुए सीता जी से मिलते हैं । माँ राम जी के बारे में पूछती हैं और कहती हैं कि उनके कब दर्शन होंगे । हनुमान जी राम जी का संदेश सुनाते हुए सीता जी से कहते हैं कि राम जी ने कहलाया है कि प्रिया ! मेरे व तुम्हारे प्रेम का रहस्य एक मेरा मन जानता है , वह मेरा मन सदा तुम्हारे पास रहता है ,मेरे प्रेम का सार इतने में ही समझ लेना ।
हम आप भी राम दर्शन कर राम जी से उनके प्रति अपना प्रेम बताते हैं , पर यह नहीं कहते हैं कि मेरा मन आपके पास है । यदि हम अपना मन उन्हें दे दें तो राम जी को और कुछ बताने की ज़रूरत नही पड़ेगी ।अत: राम प्रेम हेतु , चल मन राम चल , चल मन राम चल 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

