26 दिसंबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
परमानंद कृपायतन
मन परिपूर्ण काम ।
प्रेम भगति अनपायनी
देहु हमहि श्रीराम ।।
( उत्तरकांड, दो. 34)
राम राम 🙏🙏
राम जी के राज्याभिषेक के कुछ दिनों बाद सनकादिक मुनि राम जी के पास आते हैं , राम जी उन्हें सत्संग की महिमा बताते हैं । पुनि सनकादिक मुनि राम जी की स्तुति करते हुए कहते हैं कि राम जी आप परमानंदस्वरूप , कृपा के धाम , मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाले हैं । आप हमें अपनी अविचल प्रेमा भक्ति प्रदान कीजिये ।
हमारी भक्ति सदा अविचल रहनी चाहिए, यह तभी हो सकती है जब आप प्रेमा भक्ति करते हैं । अतएव राम जी से अविचल प्रेमाभक्ति की याचना करें । अथ ! राम राम , श्रीराम राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

