16 मई – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
जासु ग्यानु रबि भव निसि नासा,
बचन किरन मुनि कमल बिकासा
तेहि कि मोह ममता निअराई ।
यह सिय राम सनेह बड़ाई ।।
( अयोध्याकाण्ड 276/1)
जय सियाराम 🙏🙏
श्री जनक जी चित्रकूट आए हैं , श्री राम जी उन्हें अपने आश्रम लाए हैं, अयोध्या व जनकपुर का समाज राजा दशरथ का स्मरण कर शोक में डूब गया है । पूज्य वशिष्ठ जी ने श्री जनक जी को धैर्य रखने को कहा है । जिसका ज्ञान रूपी सूर्य आवागमन रूपी रात्रि का नाश कर देता है, जिनके वचन मुनियों को आनंदित करते हैं, क्या मोह व ममता उसके निकट जा सकते हैं । यह तो श्री सीताराम जी के अलौकिक प्रेम की महिमा है ।
श्री सीताराम जी के प्रेम की यह महिमा है कि जो लौकिक मोह ममता पार कर चुके हैं उन पर भी श्री सीताराम जी का प्रेम अपना प्रभाव दिखाए बिना नहीं रहता है । अतः निरन्तर श्री सीताराम नाम का भजन करते रहें……श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम । सीताराम जय सीताराम जय सियाराम जय जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरूण जी लखनऊ

