ब्यूरो चीफ/सत्य प्रकाश उपाध्याय
ग्रेटर नोएडा : नोएडा और ग्रेटर नोएडा तथा आसपास के क्षेत्रों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रेटर नोएडा में ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ की स्थापना को मंजूरी दे दी है। योगी कैबिनेट की स्वीकृति के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
इस विश्वविद्यालय का निर्माण 26.1 एकड़ भूमि पर किया जाएगा, जिसकी पहचान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा पहले ही कर ली गई है। यह पहल प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार और आधुनिक शिक्षण संस्थानों को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
निजी निवेश के साथ होगा विकास
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुसार, सनहिल हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड ने इस विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव दिया था, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2026 लागू किया जाएगा और संस्थान को संचालन के लिए अधिकृत किया जाएगा।
छात्रों को मिलेगा बड़ा फायदा
मेट्रो विश्वविद्यालय के बनने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद सहित अलीगढ़, मथुरा और आगरा के छात्रों को आधुनिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। साथ ही, दिल्ली-एनसीआर के विद्यार्थियों के लिए भी यह संस्थान आसानी से सुलभ होगा।
यह परियोजना न केवल शिक्षा के स्तर को मजबूत करेगी, बल्कि प्रदेश में निजी निवेश को भी आकर्षित करेगी।
गोरखपुर में भी नई यूनिवर्सिटी को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें गोरखपुर के कैंपियरगंज में वानिकी एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना भी शामिल है। इस परियोजना के लिए लगभग 491 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है और इसके लिए 50 हेक्टेयर भूमि आवंटित की जाएगी।

