गाजियाबाद में ‘डबल कूड़ा शुल्क’ पर लोगों का बवाल, सोसायटी निवासियों ने उठाए नगर निगम से सवाल

ब्यूरो चीफ/सत्य प्रकाश उपाध्याय
गाजियाबाद : गाजियाबाद के ट्रांस हिंडन क्षेत्र में कूड़ा प्रबंधन शुल्क को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले हजारों निवासी इस समय ‘दोहरी वसूली’ की समस्या से जूझ रहे हैं। उनका आरोप है कि एक ही सेवा के लिए उनसे दो बार शुल्क लिया जा रहा है, जिससे आम लोगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
क्या है पूरा मामला?
सोसायटी में रहने वाले निवासी हर महीने मेंटेनेंस शुल्क का भुगतान करते हैं, जिसमें साफ-सफाई और कूड़ा प्रबंधन जैसी सेवाएं पहले से शामिल होती हैं। इसके बावजूद, गाजियाबाद नगर निगम अब प्रत्येक फ्लैट से अलग से कूड़ा संग्रहण शुल्क वसूलने की प्रक्रिया अपना रहा है।
निवासियों का कहना है कि यह व्यवस्था पूरी तरह अनुचित है, क्योंकि वे पहले ही इन सेवाओं के लिए भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में दोबारा शुल्क लेना “डबल चार्ज” के समान है।
जमीनी हकीकत: सेवा कम, वसूली ज्यादा
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई सोसायटियों में नगर निगम की कूड़ा गाड़ियां नियमित रूप से नहीं पहुंचतीं। कुछ स्थानों पर केवल एक बार कलेक्शन कर लिया जाता है, जबकि ‘डोर-टू-डोर’ सेवा का दावा किया जाता है।
लो-राइज इमारतों में रहने वाले निवासियों का कहना है कि ऊपरी मंजिलों से कूड़ा नीचे लाना पहले ही मुश्किल होता है। ऐसे में यदि सेवा पूरी तरह प्रभावी नहीं है, तो अतिरिक्त शुल्क लेना बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है।
RWA की मांग: फ्लैट नहीं, पूरी सोसायटी को माना जाए एक इकाई
रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) ने इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाया है। उनकी प्रमुख मांगें हैं:
प्रत्येक फ्लैट के बजाय पूरी सोसायटी को एक यूनिट माना जाए
कूड़ा प्रबंधन के लिए एक तय मासिक शुल्क निर्धारित किया जाए
नगर निगम और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर किया जाए
निवासियों का कहना है कि वे पहले से ही कूड़ा निर्धारित स्थान पर एकत्र करके निगम को सौंपते हैं, ऐसे में प्रति फ्लैट शुल्क लेना तर्कसंगत नहीं है।
सफाई व्यवस्था पर भी उठे गंभीर सवाल
कूड़ा शुल्क विवाद के साथ-साथ क्षेत्र में सफाई व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। वसुंधरा सेक्टर-17 में नालों की सफाई के बाद निकाली गई सिल्ट को सड़क पर ही छोड़ दिया गया, जिससे:
दुर्गंध और गंदगी फैल रही है
सड़कें संकरी हो गई हैं
फिसलन के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सफाई कार्य के बाद मलबे और सिल्ट को तुरंत हटाया जाए, ताकि जनजीवन प्रभावित न हो।
ट्रांस हिंडन क्षेत्र के निवासी इस समय दोहरी वसूली और कमजोर सफाई व्यवस्था के बीच फंसे हुए हैं। एक ओर नगर निगम की शुल्क नीति पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता भी चिंता का विषय बनी हुई है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मुद्दे पर क्या कदम उठाता है और क्या आम नागरिकों को इस ‘डबल कूड़ा शुल्क’ से राहत मिल पाती है या नहीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *