छात्रा अपहरण मामले में दोषी को तीन वर्ष कारावास,अन्य तीन को भी सजा
जौनपुर ,31 मार्च। यूपी के जौनपुर में दीवानी न्यायालय में चल रहे एक मुकदमे में एक छात्रा के अपहरण मामले में अपर सत्र न्यायाधीश अपर्णा देव ने मुख्य दोषी मनोज कुमार निषाद को तीन वर्ष के कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। पीड़िता को छिपाने के दोषी बाबूराम, श्यामदेई और इमरती को भी तीन वर्ष कारावास और 8,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है।
कोर्ट ने आदेश दिया है कि अर्थदंड का भुगतान न करने पर दोषियों को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही, अर्थदंड की आधी राशि पीड़िता को देने का भी निर्देश दिया गया है। यह मामला बक्सा थाने में आरोपितों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर चला।
अभियोजन पक्ष के शासकीय अधिवक्ता लाल बहादुर पाल ने मंगलवार को जानकारी लेने पर बताया कि घटना के समय पीड़िता 17 वर्ष की थी और टीडी कॉलेज में पढ़ती थी। आरोपी नवीन उससे शादी करना चाहता था। यह घटना 4 मार्च 2008 को हुई थी, जब पीड़िता छप्पर में बैठकर सिलाई कर रही थी।
आरोपी मनोज कुमार निषाद और नवीन निषाद मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे और पीड़िता का अपहरण कर लिया। पुलिस और परिवार के दबाव के बाद, आरोपितों ने 6 मार्च 2008 को पीड़िता को टीडी कॉलेज के गेट के सामने छोड़ दिया।
पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुंची और बताया कि नवीन और मनोज उसे अपहरण कर बाबूराम निषाद के घर ले गए थे। बाबूराम, उसकी पत्नी श्यामदेई और दयाराम की पत्नी इमरती ने पीड़िता को मकान की ऊपरी मंजिल के एक कमरे में बंद कर रखा था। पीड़िता ने बताया कि इस दौरान नवीन ने उसके साथ दुष्कर्म किया था।इस आधार पर आरोपितों को सजा सुनाई गई है।

