छात्रो व अभिभावकों से जबरन फीस वसूली करने वाले स्कूल – कालेज पर अंकुश लगाने के लिए डीएम की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय कमेटी का हुआ गठन
(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ)
अयोध्या।अप्रैल माह में अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करने के लिए शासन के निर्देश पर शिक्षा विभाग द्वारा छात्रों तथा उनके अभिभावकों को जागरूक करने के लिए कई जगहों पर जागरूकता रैली सहित अन्य कई कार्यक्रम किया जा रहे हैं। लेकिन इसी बीच छात्रों व उनके अभिभावकों ने जिले के कई नामी ग्रामीण शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधको,प्रधानाचार्य पर आरोप लगाया कि उनके द्वारा फीस के नाम पर काफी वसूली भी हो रही है।मामला फीस वसूली तक ही नहीं सीमित है इन छात्रों के अभाव को ने यहां तक बताया कि कई संस्थाओं द्वारा जबरन कमीशन के नाम पर तय किए गए दुकानों पर काफी किताब तथा बच्चों के ड्रेस जूते आज स्कूली सामग्रियों को लेने के लिए बाध्य किया जा रहा है।इस मामले में सबसे अधिक शिकार उन मेधावी छात्रों के बच्चे हो रहे हैं, जिनके बच्चे तो मेधावी हैं लेकिन पैसे की कमी के चलते अपने बच्चों को इन स्कूलों में पढ़ा नहीं पा रहे हैं। जिसका मुख्य कारण कमीशन के नाम पर इन स्कूलों के प्रबंधको तथा प्रधानाचार्यो तथा जिले में शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक दुकानदारों जींस की कमीशन तय है जिसके चलते महंगे काफी किताब ड्रेस जूते सहित अन्य शैक्षिक सामग्रियों को इन गरीब मेधावी छात्रों के माता-पिता नहीं खरीद पा रहे हैं। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर पवन कुमार तिवारी ने बताया यह एक बहुत ही गंभीर समस्या है।उन्होंने बताया कि शान द्वारा इन पर शिकंजा कसने के लिए एक समिति का गठन किया गया है।जिसमें डीएम इस समिति के अध्यक्ष हैं।वही जिला विद्यालय निरीक्षक इस समिति के सचिव है। इस समिति मे पांच सदस्य जिनमे तीन सदस्य जबकि दो पदेन सदस्य हैं।उन्होंने बताया कि छात्रों तथा उनके माता-पिता द्वारा शिकायत मिलने पर इस तरह के घृणित कृत्य करने वाले स्कूलों के प्रबंधकों तथा प्रधानाचार्यो के ऊपर कठोर से कठोर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने छात्रों तथा उनके माता-पिता से अपील किया है कि अगर किसी भी स्कूल या कॉलेज के प्रबंधक तथा प्रधानाचार्य जबरन किसी भी दुकान से काफी किताब ड्रेस सहित अन्य स्कूली सामग्रियों को खरीदने के लिए बात करते हैं तो वह सीधे जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में आकर शिकायत करें जिस पर ऐसे स्कूल कॉलेज के प्रबंधकों तथा कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।

