दवा की मात्रा का ज्ञान फार्मासिस्ट को हीः डा. आलोक मुखर्जी

व्याख्यानमाला में हर्बल दवा की विशेषता पर डाला प्रकाश

 

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विश्वशरैया हाल में फार्मेसी संस्थान के तत्वावधान में एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसका विषय रीसेंट यूटिलाइजेशन ऑफ फार्माकोग्नॉसी इन करंट सिनेरियो फार फार्मासिटिकल इंडस्ट्री था। इस व्याख्यान में बतौर मुख्य वक्ता डॉ आलोक मुखर्जी ने कहा कि रोगी को दवा कब, क्यों और कैसे देना है वह एक फार्मासिस्ट ही समझता है। एक फार्मासिस्ट को दवा को कब लेना है कैसे लेना है और क्यों लेना है उसका सही ज्ञान होना आवश्यक है। आधुनिक अंग्रेजी के दवाओं के साथ-साथ प्राकृतिक दवाओं का भी अपना अलग महत्व है जो आज के समय में डॉक्टर द्वारा सुझाया जाता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी दवा का प्रभाव है तो उसका दुष्प्रभाव भी है। उन्होंने हर्बल दवाओं की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। व्याख्यान का संचालन और अतिथि परिचय डॉ विनय वर्मा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन राजीव कुमार ने किया। इस मौके पर फार्मेसी विभाग के छात्र उपस्थित रहे।

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