नशा कर एंबुलेंस चलाने पर भारतवंशी को जेल, सिंगापुर की कोर्ट ने सुनाई ऐसी सख्त सजा

सिंगापुर की कोर्ट ने भारतीय मूल के 27 वर्षीय युवक को नशा कर एंबुलेंस चलाने का दोषी पाया है। उसे दो साल के कारावास की सजा सुनाई है। 2020 में उसने एंबुलेंस चलाते वक्त शराब पी रखी थी। एंबुलेंस सड़क किनारे रैलिंग से टकरा गई थी, जिससे उसमें सवार मरीज घायल हो गया था।

आरोपी जी मोहनवरुमन गोपाल ओयप्पन को सोमवार को सजा सुनाई गई। उसके शरीर में तय सीमा से दोगुनी शराब की मात्रा पाई गई। उसकी मेडिकल रिपोर्ट में 100 मिलीलीटर रक्त 183 मिलीग्राम इथेनॉल मिला, जो 80 मिलीग्राम की तय सीमा से दोगुने से ज्यादा था। हादसे के वक्त 2020 में वह निजी एंबुलेंस चलाता था और किसी मरीज को अस्पताल ले जा रहा था। इसी दौरान एंबुलेंस सेलेटर एक्सप्रेसवे पर रैलिंग से टकरा गई थी। हादसे में वाहन में सवार मरीज घायल हो गया था।

सोमवार को मोहन को दो साल की जेल के साथ ही 4000 सिंगापुरी डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया। सजा पूरी होने के बाद जेल से रिहा होने पर वह 10 साल तक सभी प्रकार के वाहन चलाने से भी अयोग्य करार दिया गया है।

टुडे टैब्लॉइड अखबार की खबर के अनुसार ओयप्पन को शराब पीकर गाड़ी चलाने, खतरनाक ड्राइविंग से गंभीर चोट पहुंचाने और वैध क्लास-3 या 3 ए लाइसेंस के बिना ड्राइविंग सहित चार आरोपों में दोषी ठहराया गया है। उसे जेल भेज दिया गया है।

एंबुलेंस हादसे से करीब छह महीने पहले उसने एक कॉफी शॉप में शराब पीते हुए विवाद किया था और पुंगगोल हाउसिंग एस्टेट के एक अधिकारी को घूंसा मार दिया था। खतरनाक ड्राइविंग के कारण गंभीर चोट लगने पर ओयप्पन को पांच साल तक की जेल हो सकती थी।

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