ब्यूरो चीफ/सत्य प्रकाश उपाध्याय
नोएडा : नोएडा में एक बार फिर लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। सेक्टर-94 में पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से एमिटी यूनिवर्सिटी के एक छात्र की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने शहर में खुले और असुरक्षित गड्ढों को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, परीक्षा समाप्त होने के बाद चार छात्र—हिमांशु, व्यास, कृष और हर्षित—जश्न मनाने सेक्टर-94 पहुंचे थे। मस्ती के दौरान वे पास ही मौजूद पानी से भरे गहरे गड्ढे के करीब चले गए और नहाने के लिए उसमें उतर गए। इसी दौरान हर्षित (उम्र लगभग 23 वर्ष) अचानक गहराई में फंस गया और डूबने लगा।
दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छात्र को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पहले भी उसी जगह खिंचवाई थी फोटो
बताया जा रहा है कि 11 मार्च को मृतक ने इसी गड्ढे के पास बैठकर फोटो खिंचवाई थी, जिसे उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट भी किया था। यह तथ्य इस जगह की पहले से मौजूद खतरनाक स्थिति को उजागर करता है।
डीसीपी नोएडा साद मियां खान के अनुसार, शुरुआती जांच में यह डूबने का मामला प्रतीत हो रहा है। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
इस हादसे के बाद एक बार फिर नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में कई जगह ऐसे खुले और पानी से भरे गड्ढे मौजूद हैं, जो कभी भी बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं।
वहीं, मामले पर प्रतिक्रिया लेने के लिए प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
लगातार हो रहे ऐसे हादसे यह साफ दिखाते हैं कि शहर में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर कमी है। समय रहते इन खतरनाक स्थानों को सुरक्षित नहीं किया गया, तो भविष्य में भी ऐसे हादसे दोहराए जा सकते हैं।

